TDB-DST ने पूर्णतः पुन: प्रयोज्य अग्निबाण प्रक्षेपण यान के लिए अग्निकुल कॉसमॉस के साथ ₹200 करोड़ का RDI फंड समझौता किया
25 सितंबर 2026 को DST के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने पुन: प्रयोज्य अग्निबाण RLV के विकास हेतु अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) फंड के तहत ₹200 करोड़ की सहायता के लिए चेन्नई स्थित अग्निकुल कॉसमॉस के साथ समझौता किया।
सारांश
परियोजना का लक्ष्य तकनीक को TRL-4 और उससे ऊपर से TRL-8 तक ले जाना है। सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (OCD) के माध्यम से दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रक्षेपण यान के केवल पहले चरण को वापस लाने से आगे बढ़कर पूरे सिस्टम को पुन: प्रयोज्य बनाना है, ताकि कम प्रक्षेपण और निर्माण लागत पर बार-बार प्रक्षेपण संभव हो।
मुख्य तथ्य
- समझौता
- TDB (DST) और अग्निकुल कॉसमॉस प्रा. लि., चेन्नई, तमिलनाडु
- सहायता
- RDI फंड के तहत ₹200 करोड़, वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर द्वारा
- यान
- अग्निबाण RLV — पूर्णतः पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान
- लक्ष्य
- TRL-4 और ऊपर से TRL-8; केवल पहला चरण नहीं, पूरा सिस्टम पुन: प्रयोज्य
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
TDB-DST से RDI फंड के तहत ₹200 करोड़ की सहायता से अग्निकुल कॉसमॉस कौन सा प्रक्षेपण यान विकसित करेगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — अग्निबाण RLV
₹200 करोड़ की सहायता पूर्णतः पुन: प्रयोज्य अग्निबाण RLV के लिए है।
TDB अग्निकुल कॉसमॉस को ₹200 करोड़ की सहायता किस साधन के माध्यम से देगा?
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सही उत्तर: D — वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर
वित्तीय सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (OCD) के माध्यम से दी जाएगी।
25 सितंबर 2026 के TDB-अग्निकुल समझौते के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. परियोजना का लक्ष्य तकनीक को TRL-4 और उससे ऊपर से TRL-8 तक ले जाना है। 2. अग्निकुल कॉसमॉस का मुख्यालय बेंगलुरु में है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।