सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली-NCR की सड़कों से आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में भेजने का आदेश दिया
सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने 11 अगस्त 2025 को कुत्तों के काटने से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले में दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अधिकारियों को आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया।
सारांश
स्वतः संज्ञान मामले 'इन रे: सिटी हाउंडेड बाय स्ट्रेज़, किड्स पे प्राइस' की सुनवाई कर रही सर्वोच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने 11 अगस्त 2025 को दिल्ली NCT, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के अधिकारियों को आवारा कुत्तों को पकड़ने और डॉग शेल्टर या पाउंड बनाने का निर्देश दिया, जिसकी शुरुआत लगभग 5,000 कुत्तों की क्षमता वाले आश्रयों से हो, और आठ सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा। अदालत ने निर्देश दिया कि पकड़े गए कुत्तों को वापस सड़कों पर न छोड़ा जाए, और पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के अनुसार उनका बंध्याकरण, कृमिनाशन और टीकाकरण हो, तथा आश्रयों की CCTV से निगरानी हो। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कुत्तों के काटने की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू करने को भी कहा गया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 11 अगस्त 2025
- मामला
- स्वतः संज्ञान – इन रे: सिटी हाउंडेड बाय स्ट्रेज़, किड्स पे प्राइस
- पीठ
- न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन
- क्षेत्र
- दिल्ली NCT, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद
- आश्रय
- शुरुआत लगभग 5,000 कुत्तों की क्षमता से; 8 सप्ताह में रिपोर्ट
- रिहाई
- पकड़े गए कुत्ते वापस नहीं छोड़े जाएँगे
- देखभाल
- पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के अनुसार बंध्याकरण, कृमिनाशन, टीकाकरण; CCTV
- हेल्पलाइन
- एक सप्ताह में डॉग-बाइट हेल्पलाइन
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
11 अगस्त 2025 को दिल्ली-NCR के आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में भेजने का आदेश सर्वोच्च न्यायालय की किस पीठ ने दिया?
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सही उत्तर: B — न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन
स्वतः संज्ञान मामले 'इन रे: सिटी हाउंडेड बाय स्ट्रेज़, किड्स पे प्राइस' में यह आदेश न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने दिया।
11 अगस्त 2025 के अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने अधिकारियों से शुरुआत में लगभग कितने आवारा कुत्तों के लिए आश्रय बनाने को कहा?
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सही उत्तर: C — 5,000
अदालत ने अधिकारियों को शुरुआत में लगभग 5,000 कुत्तों के लिए आश्रय बनाने और आठ सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
11 अगस्त 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के आवारा कुत्तों संबंधी आदेश के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अदालत ने निर्देश दिया कि पकड़े गए कुत्तों को वापस सड़कों पर न छोड़ा जाए। 2. निर्देश केवल नई दिल्ली नगरपालिका परिषद क्षेत्र पर लागू थे। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
कथन 1 सही है: अदालत ने निर्देश दिया कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को वापस न छोड़ा जाए। कथन 2 गलत है: निर्देश दिल्ली NCT, नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद पर लागू थे।
11 अगस्त 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आश्रयों में कुत्तों का बंध्याकरण, कृमिनाशन और टीकाकरण किन नियमों के अनुसार होना है?
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सही उत्तर: D — पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023
अदालत ने निर्देश दिया कि कुत्तों का बंध्याकरण, कृमिनाशन और टीकाकरण पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के अनुसार हो।