ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई 81.60 लाख हेक्टेयर, पिछले वर्ष से 2.60 लाख हेक्टेयर अधिक
कृषि मंत्रालय ने 4 मई 2026 को बताया कि 1 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलें 81.60 लाख हेक्टेयर में बोई गईं, जबकि एक वर्ष पहले यह 79.00 लाख हेक्टेयर था; मोटे अनाज और तिलहन बढ़े, जबकि धान घटा।
सारांश
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 4 मई 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार 1 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों का रकबा 81.60 लाख हेक्टेयर पहुँचा, जो 2025 की इसी अवधि के 79.00 लाख हेक्टेयर से 2.60 लाख हेक्टेयर अधिक है। श्री अन्न एवं मोटे अनाज 1.77 लाख हेक्टेयर बढ़कर 16.01 लाख हेक्टेयर हुए, जिनमें मक्का 10.00 लाख हेक्टेयर रहा; तिलहन 1.47 लाख हेक्टेयर बढ़कर 11.04 लाख हेक्टेयर और दलहन 0.73 लाख हेक्टेयर बढ़कर 23.49 लाख हेक्टेयर हुए। धान 1.36 लाख हेक्टेयर घटकर 31.05 लाख हेक्टेयर रहा।
मुख्य तथ्य
- कुल (1 मई 2026)
- 81.60 लाख हे. बनाम पिछले वर्ष 79.00 लाख हे.
- धान
- 31.05 लाख हे. (−1.36)
- दलहन
- 23.49 लाख हे. (+0.73)
- श्री अन्न / मोटे अनाज
- 16.01 लाख हे. (+1.77); मक्का 10.00
- तिलहन
- 11.04 लाख हे. (+1.47)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 मई 2026 तक भारत में ग्रीष्मकालीन फसलों का कुल बोया गया क्षेत्र लगभग कितना था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 81.60 लाख हेक्टेयर
1 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलें 81.60 लाख हेक्टेयर में थीं, जबकि 2025 की इसी अवधि में 79.00 लाख हेक्टेयर थीं।
1 मई 2026 तक 2025 की इसी अवधि की तुलना में ग्रीष्मकालीन बुवाई क्षेत्र में सबसे अधिक वृद्धि किस फसल समूह में दर्ज हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — श्री अन्न एवं मोटे अनाज
श्री अन्न एवं मोटे अनाज में 1.77 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई, जो तिलहन (+1.47) और दलहन (+0.73) से अधिक है; धान 1.36 लाख हेक्टेयर घटा।