सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा 15 से बढ़ाकर 30 दिन की; अतिरिक्त स्टॉक केवल आयातित चीनी से
18 सितंबर 2026 को खाद्य मंत्रालय ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन की खपत तक कर दी, बशर्ते 15 दिन से अधिक का स्टॉक केवल अग्रिम प्राधिकरण योजना (एएएस) और टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) के तहत आयातित चीनी से हो।
सारांश
चीनी भंडारण में यह छूट उन थोक उपभोक्ताओं पर लागू है जो कच्चे माल के रूप में हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग करते हैं। खुले बाज़ार से खरीदी गई चीनी की सीमा 15 दिन ही रहेगी, और थोक उपभोक्ताओं को हर शुक्रवार खाद्य विभाग के पोर्टल पर अपना स्टॉक घोषित करना होगा। मंत्रालय ने बताया कि खुदरा चीनी के दाम अपने उच्चतम स्तर से लगभग 10% गिरे हैं, अगस्त में ₹65 से ₹58.50, जबकि मिल से निकलते दाम लगभग 25% गिरे हैं, और व्यापारियों से यह लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की अपील की।
मुख्य तथ्य
- नई सीमा
- थोक उपभोक्ताओं के लिए 30 दिन की खपत (पहले 15 दिन)
- शर्त
- 15 दिन से अधिक का स्टॉक केवल एएएस और टीआरक्यू के तहत आयातित चीनी से
- थोक उपभोक्ता
- हर महीने 10 टन से अधिक चीनी का उपयोग
- खुले बाज़ार से खरीद
- सीमा 15 दिन ही; हर शुक्रवार साप्ताहिक स्टॉक घोषणा
- कीमतें
- खुदरा लगभग 10% कम (₹65 → ₹58.50); मिल कीमत लगभग 25% कम
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
सितंबर 2026 में थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी भंडारण सीमा कितने दिनों की खपत तक बढ़ाई गई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 30 दिन
सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन की गई; 15 दिन से अधिक का स्टॉक केवल एएएस और टीआरक्यू के तहत आयातित चीनी से होगा।
सितंबर 2026 की छूट के तहत थोक उपभोक्ताओं का 15 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक कहाँ से होना चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — अग्रिम प्राधिकरण योजना और टैरिफ रेट कोटा के तहत आयातित चीनी
अतिरिक्त स्टॉक केवल एएएस और टीआरक्यू के तहत आयातित चीनी से होगा; खुले बाज़ार की सीमा 15 दिन ही है।
18 सितंबर 2026 के चीनी निर्णय के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें: 1. खुले बाज़ार से खरीदी चीनी की भंडारण सीमा 30 दिन कर दी गई। 2. खुदरा चीनी के दाम उच्चतम स्तर से लगभग 25% गिरे हैं। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — न 1 न 2
कोई भी सही नहीं है। खुले बाज़ार की सीमा 15 दिन ही है, और खुदरा दाम लगभग 10% गिरे; लगभग 25% गिरावट मिल कीमतों में है।