इस्पात मंत्रालय शीर्ष सुरक्षा निकाय के रूप में इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद बनाएगा
28 सितंबर 2026 को इस्पात मंत्रालय ने इस्पात सचिव की अध्यक्षता में शीर्ष उद्योग सुरक्षा निकाय 'इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद' (SISC) गठित करने का निर्णय लिया, जिसे नया इस्पात उद्योग सुरक्षा निदेशालय (SISD) सहयोग देगा।
सारांश
परिषद में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एकीकृत इस्पात उत्पादकों के मुख्य कार्यकारी और DGMS, PESO, NDMA तथा इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थानों के प्रतिनिधि होंगे। यह उद्योग में सुरक्षा का आकलन करेगी, सुरक्षा मानकों और अनुशंसित प्रथाओं को मंजूरी देगी तथा गंभीर दुर्घटनाओं और बाल-बाल बची घटनाओं की समीक्षा करेगी। SISD तकनीकी सहायता देगा, सुरक्षा ऑडिट और जांच करेगा तथा भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल इस्पात उद्योग सुरक्षा मानक और दिशानिर्देश जारी करेगा।
मुख्य तथ्य
- निकाय
- इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद (SISC) — शीर्ष उद्योग सुरक्षा निकाय
- अध्यक्ष
- सचिव, इस्पात मंत्रालय
- सदस्य
- एकीकृत इस्पात उत्पादकों के CEO; DGMS, PESO, NDMA; इस्पात प्रौद्योगिकी संस्थान
- सहायक इकाई
- इस्पात उद्योग सुरक्षा निदेशालय (SISD)
- कार्य
- सुरक्षा मानकों को मंजूरी, गंभीर दुर्घटनाओं व बाल-बाल बची घटनाओं की समीक्षा, सुरक्षा ऑडिट
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
सितंबर 2026 में इस्पात मंत्रालय द्वारा घोषित इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद (SISC) की अध्यक्षता कौन करेगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — सचिव, इस्पात मंत्रालय
SISC की अध्यक्षता इस्पात मंत्रालय के सचिव करेंगे।
इस्पात उद्योग सुरक्षा परिषद (2026) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसे इस्पात उद्योग सुरक्षा निदेशालय (SISD) सहयोग देगा। 2. PESO और NDMA के प्रतिनिधि परिषद का हिस्सा होंगे। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं: SISD तकनीकी सहायता देगा, और परिषद में DGMS, PESO और NDMA के प्रतिनिधि शामिल हैं।