वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 55,200 स्टार्टअप मान्यता प्राप्त; कुल 2.23 लाख पार
वाणिज्य मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता मिली, जो स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत के बाद किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है, और 31 मार्च 2026 तक कुल संख्या 2.23 लाख पार हो गई।
सारांश
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता मिली, जो 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू होने के बाद किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है और वित्त वर्ष 2024-25 के लगभग 36,400 से 51.6% अधिक है। 31 मार्च 2026 तक कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप 2.23 लाख पार हो गए, जिनसे 23.36 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार बने। 1.07 लाख से अधिक, यानी लगभग 48%, मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार है। मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में महाराष्ट्र (38,660+), कर्नाटक (22,600+), उत्तर प्रदेश (21,960+), दिल्ली और गुजरात आगे हैं।
मुख्य तथ्य
- वित्त वर्ष 2025-26
- 55,200+ मान्यता (अब तक सर्वाधिक); +51.6%
- वित्त वर्ष 2024-25
- 36,400+
- कुल (31 मार्च 2026)
- 2.23 लाख+; 23.36 लाख+ प्रत्यक्ष रोज़गार
- महिला नेतृत्व
- 1.07 लाख+ में महिला निदेशक/साझेदार (~48%)
- शीर्ष राज्य
- महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात
- स्टार्टअप इंडिया शुरुआत
- 16 जनवरी 2016
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
31 मार्च 2026 तक सर्वाधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप किस राज्य में थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — महाराष्ट्र
महाराष्ट्र 38,660+ मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ सबसे आगे था, उसके बाद कर्नाटक और उत्तर प्रदेश।
अप्रैल 2026 में जारी स्टार्टअप इंडिया आँकड़ों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वित्त वर्ष 2025-26 में 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता मिली, जो किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है। 2. लगभग 48% मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं: वित्त वर्ष 2025-26 में 55,200+ को मान्यता मिली, और 1.07 लाख+ (लगभग 48%) में महिला निदेशक या साझेदार है।