जितेंद्र सिंह ने जलवायु-अनुकूल फ़सलों के लिए ब्रिक-एनआईपीजीआर में स्वदेशी स्प्राउट सुविधा का उद्घाटन किया
15 सितंबर 2026 को विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के ब्रिक-राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान में 'स्पीडसीड फ़ीनोटाइपिंग एंड रिसोर्स ऑप्टिमाइज़ेशन फ़ॉर यूनिफ़ाइड ट्रेट एनालिसिस' (स्प्राउट) सुविधा का उद्घाटन किया।
सारांश
स्प्राउट सुविधा से शोधकर्ता अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों में फ़सलों का अध्ययन कर सकते हैं, जिससे जीनोमिक्स और जीन तकनीकें तेज़ गुण-मूल्यांकन से जुड़ती हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्पीडसीड तकनीक चने के पीढ़ी चक्र को लगभग 40 दिन तक घटा सकती है, जिससे जलवायु-अनुकूल फ़सलों के प्रजनन की अवधि कम होगी।
मुख्य तथ्य
- सुविधा
- स्प्राउट — स्पीडसीड फ़ीनोटाइपिंग एंड रिसोर्स ऑप्टिमाइज़ेशन फ़ॉर यूनिफ़ाइड ट्रेट एनालिसिस
- संस्थान
- ब्रिक-एनआईपीजीआर, नई दिल्ली
- उद्देश्य
- जलवायु-अनुकूल फ़सलों का तेज़ विकास
- स्पीडसीड
- चने का पीढ़ी चक्र ~40 दिन
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
15 सितंबर 2026 को जलवायु-अनुकूल फ़सल अनुसंधान के लिए स्प्राउट सुविधा का उद्घाटन किस संस्थान में हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ब्रिक-एनआईपीजीआर, नई दिल्ली
डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के ब्रिक-राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान में स्प्राउट का उद्घाटन किया।