खेल मंत्रालय ने संगठित डोपिंग को अपराध बनाने का प्रस्ताव रखा; मसौदा संशोधनों पर 18 जून तक सुझाव
21 मई 2026 को खेल मंत्रालय ने डोपिंग रोधी कानून के मसौदा संशोधन सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किए, जिनमें डोपिंग तस्करों, आपूर्तिकर्ताओं और गिरोहों पर आपराधिक कार्रवाई का प्रस्ताव है, जबकि नियम उल्लंघन पर खिलाड़ियों पर मुकदमा नहीं चलेगा।
सारांश
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने 21 मई 2026 को संगठित डोपिंग गतिविधियों को अपराध घोषित करने के प्रस्तावित संशोधन सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किए। मसौदे में प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी और अनधिकृत बिक्री, खिलाड़ियों को उन्हें देना, नाबालिगों को आपूर्ति, संगठित और व्यावसायिक डोपिंग गतिविधि, निर्धारित लेबल के बिना बिक्री तथा डोपिंग को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को निशाना बनाया गया है। ऐसे अपराधों में शामिल न होने वाले खिलाड़ियों को केवल डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन या पॉज़िटिव टेस्ट के लिए अपराधी नहीं माना जाएगा; ऐसे मामले मौजूदा ढांचे के तहत ही निपटेंगे, और वैध चिकित्सीय उपयोग छूट (TUE) के लिए सुरक्षा उपाय हैं। प्रस्ताव खेल में डोपिंग के विरुद्ध यूनेस्को कन्वेंशन और WADA के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं; 18 जून 2026 तक सुझाव आमंत्रित हैं।
मुख्य तथ्य
- प्रकाशन
- 21 मई 2026, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय
- निशाना
- तस्करी, अवैध आपूर्ति, खिलाड़ियों को पदार्थ देना, नाबालिगों को आपूर्ति, संगठित गिरोह, डोपिंग विज्ञापन
- खिलाड़ी
- केवल नियम उल्लंघन या पॉज़िटिव टेस्ट पर अपराधी नहीं
- सुरक्षा उपाय
- वैध TUE; आपात स्थिति में सद्भावी चिकित्सक
- अनुरूपता
- खेल में डोपिंग के विरुद्ध यूनेस्को कन्वेंशन; WADA दृष्टिकोण
- सुझाव की अंतिम तिथि
- 18 जून 2026
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
संगठित डोपिंग को अपराध बनाने वाले खेल मंत्रालय के प्रस्तावित संशोधनों (मई 2026) पर किस तिथि तक सुझाव आमंत्रित किए गए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 18 जून 2026
सार्वजनिक परामर्श में 18 जून 2026 तक टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए गए।
प्रस्तावित डोपिंग रोधी संशोधनों (मई 2026) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. तस्करी जैसे अपराधों में शामिल न होने वाले खिलाड़ियों को केवल डोपिंग रोधी नियम उल्लंघन या पॉज़िटिव टेस्ट के लिए अपराधी नहीं माना जाएगा। 2. प्रस्ताव खेल में डोपिंग के विरुद्ध यूनेस्को कन्वेंशन के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों बातें कही गई हैं: केवल नियम उल्लंघन पर खिलाड़ियों पर आपराधिक मुकदमा नहीं होगा, और उपाय यूनेस्को कन्वेंशन व WADA के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।
मई 2026 के प्रस्तावित भारतीय डोपिंग रोधी संशोधन किस अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज़ के अनुरूप बताए गए हैं?
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सही उत्तर: A — खेल में डोपिंग के विरुद्ध यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन
मंत्रालय के अनुसार उपाय खेल में डोपिंग के विरुद्ध यूनेस्को कन्वेंशन के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं और WADA के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।