सामाजिक न्याय मंत्रालय का राष्ट्रीय चिंतन शिविर समयबद्ध रोडमैप के साथ चंडीगढ़ में संपन्न
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर 26 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ में संपन्न हुआ, जिसमें राज्यों और UT ने जनगणना-2027 में विमुक्त जनजातियों को शामिल करने और SEED योजना को मज़बूत करने सहित समयबद्ध सिफ़ारिशों पर सहमति दी।
सारांश
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का राष्ट्रीय चिंतन शिविर, जो 24 से 26 अप्रैल 2026 तक चंडीगढ़ में हुआ, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सामाजिक न्याय योजनाओं के अंतिम छोर तक वितरण सुधारने हेतु समयबद्ध, क्रियान्वयन योग्य सिफ़ारिशों पर सहमति के साथ संपन्न हुआ। शिविर की थीम 'अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब – विकसित भारत@2047' थी। फ़ोकस क्षेत्रों में जनगणना-2027 में विमुक्त जनजातियों (DNT) को शामिल करना, SEED योजना को मज़बूत करना, SC और OBC का आर्थिक सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सहायता शामिल थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि शिविर केवल नीतिगत इरादे पर नहीं, व्यावहारिक समाधानों पर केंद्रित रहा।
मुख्य तथ्य
- आयोजन
- राष्ट्रीय चिंतन शिविर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- तिथि / स्थान
- 24–26 अप्रैल 2026, चंडीगढ़
- थीम
- अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब – विकसित भारत@2047
- फ़ोकस
- जनगणना-2027 में DNT; SEED योजना; SC/OBC सशक्तिकरण; दिव्यांग सुगम्यता; ट्रांसजेंडर कल्याण
- केंद्रीय मंत्री
- डॉ. वीरेंद्र कुमार
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
24 से 26 अप्रैल 2026 तक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का राष्ट्रीय चिंतन शिविर कहाँ हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — चंडीगढ़
तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर चंडीगढ़ में हुआ।
अप्रैल 2026 में सामाजिक न्याय मंत्रालय के चिंतन शिविर में जनगणना-2027 में किस समूह को शामिल करना फ़ोकस क्षेत्र था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — विमुक्त जनजातियाँ (DNT)
शिविर का फ़ोकस जनगणना-2027 में विमुक्त जनजातियों (DNT) को शामिल करने पर था।