DST संस्थानों ने धातु-मुक्त छिद्रयुक्त उत्प्रेरक TTT-DHTD विकसित किया, जो ज़िंक–एयर बैटरी में लगभग प्लैटिनम जितना प्रभावी
7 अक्टूबर 2026 की DST विज्ञप्ति के अनुसार DST के एस. एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (कोलकाता) और INST (मोहाली) के वैज्ञानिकों ने SRM यूनिवर्सिटी-AP के साथ धातु-मुक्त कार्बनिक छिद्रयुक्त उत्प्रेरक TTT-DHTD विकसित किया, जिसने ज़िंक–एयर बैटरी में एयर-इलेक्ट्रोड उत्प्रेरक के रूप में व्यावसायिक प्लैटिनम का लगभग 96% प्रदर्शन दिया।
सारांश
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन एस. एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (SNBNCBS), कोलकाता और नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), मोहाली के शोधकर्ताओं ने SRM यूनिवर्सिटी, अमरावती के साथ मिलकर TTT-DHTD नामक धातु-मुक्त कार्बनिक छिद्रयुक्त पदार्थ विकसित किया है, DST ने 7 अक्टूबर 2026 को बताया। ज़िंक–एयर बैटरी में ऑक्सीजन अपचयन अभिक्रिया (ORR) के लिए एयर-इलेक्ट्रोड उत्प्रेरक के रूप में उपयोग करने पर कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बने इस मधुकोश जैसे पदार्थ ने व्यावसायिक प्लैटिनम उत्प्रेरकों का लगभग 96% प्रदर्शन दिया और 120 घंटे के निरंतर संचालन में स्थिर रहा। Science Advances में प्रकाशित यह कार्य दुर्लभ और महँगे प्लैटिनम पर निर्भर स्वच्छ-ऊर्जा तकनीकों की लागत घटा सकता है।
मुख्य तथ्य
- पदार्थ
- TTT-DHTD, धातु-मुक्त कार्बनिक छिद्रयुक्त उत्प्रेरक
- संस्थान
- SNBNCBS कोलकाता, INST मोहाली (DST) और SRM यूनिवर्सिटी, अमरावती
- उपयोग
- ज़िंक–एयर बैटरी में ऑक्सीजन अपचयन अभिक्रिया (ORR) के लिए एयर-इलेक्ट्रोड उत्प्रेरक
- प्रदर्शन
- व्यावसायिक प्लैटिनम उत्प्रेरकों का लगभग 96%
- स्थिरता
- 120 घंटे का निरंतर संचालन
- तत्व
- कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन
- जर्नल
- Science Advances
- प्रमुख शोधकर्ता
- डॉ. प्रदीप पचफुले, प्रो. रामेंद्र सुंदर डे, प्रो. रंजीत थापा
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
DST संस्थानों द्वारा विकसित (अक्टूबर 2026) धातु-मुक्त छिद्रयुक्त उत्प्रेरक TTT-DHTD का परीक्षण किस प्रकार की बैटरी में एयर-इलेक्ट्रोड उत्प्रेरक के रूप में किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ज़िंक–एयर बैटरी