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एस.एन. बोस केंद्र के अध्ययन में पाया गया कि IgM एंटीबॉडी बैक्टीरियल प्रोटीन L को यांत्रिक रूप से स्थिर करती है

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 25 अगस्त 2025 को बताया कि कोलकाता स्थित एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र के शोधकर्ताओं ने पाया कि सबसे बड़ी मानव एंटीबॉडी IgM बैक्टीरियल 'प्रोटीन L' को यांत्रिक रूप से स्थिर कर सकती है।

सारांश

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने 25 अगस्त 2025 को बताया कि DST के स्वायत्त संस्थान एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (SNBNCBS) के शोधकर्ताओं ने पाया कि IgM — मानव शरीर की सबसे बड़ी एंटीबॉडी और संक्रमण के विरुद्ध सबसे पहले बनने वाली एंटीबॉडी में से एक — बैक्टीरियल विषाक्त पदार्थों को यांत्रिक रूप से स्थिर कर सकती है। अध्ययन फ़िनेगोल्डिया मैग्ना बैक्टीरिया के 'सुपरएंटीजन' प्रोटीन L पर केंद्रित था और इसमें सिंगल-मॉलिक्यूल फ़ोर्स स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग किया गया। IgM के जुड़ने से प्रोटीन L की यांत्रिक स्थिरता काफ़ी बढ़ी, और यह प्रभाव IgM की सांद्रता के साथ बढ़ा। DST ने कहा कि यह खोज ख़तरनाक प्रोटीनों को यांत्रिक रूप से कठोर करने वाली एंटीबॉडी पर आधारित उपचारों को प्रेरित कर सकती है।

मुख्य तथ्य

संस्थान
एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (DST स्वायत्त संस्थान)
एंटीबॉडी
IgM — सबसे बड़ी मानव एंटीबॉडी
लक्ष्य
प्रोटीन L, फ़िनेगोल्डिया मैग्ना का सुपरएंटीजन
तकनीक
सिंगल-मॉलिक्यूल फ़ोर्स स्पेक्ट्रोस्कोपी
निष्कर्ष
IgM के जुड़ने से प्रोटीन L की यांत्रिक स्थिरता बढ़ती है (सांद्रता-निर्भर)

अभ्यास MCQ 1 प्रश्न

Q1 उन्नत

एस.एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र के शोधकर्ताओं ने अगस्त 2025 में बताया कि मानव शरीर की सबसे बड़ी कौन सी एंटीबॉडी बैक्टीरियल सुपरएंटीजन प्रोटीन L को यांत्रिक रूप से स्थिर कर सकती है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — IgM

SNBNCBS के अध्ययन में पाया गया कि मानव शरीर की सबसे बड़ी एंटीबॉडी IgM फ़िनेगोल्डिया मैग्ना के प्रोटीन L की यांत्रिक स्थिरता बढ़ाती है।

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