स्मिथसोनियन ने तमिलनाडु के तीन मंदिर कांस्य लौटाए, जिनमें लगभग 990 ई. का चोल शिव नटराज शामिल
13 मई 2026 को संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्मिथसोनियन के नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ एशियन आर्ट से तमिलनाडु के तीन मंदिर कांस्यों — चोल शिव नटराज (लगभग 990 ई.), 12वीं सदी का सोमस्कंद और 16वीं सदी के संत सुंदरर व परवई — की वापसी की घोषणा की।
सारांश
संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 13 मई 2026 को राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में घोषणा की कि तमिलनाडु के तीन मंदिर कांस्य अमेरिका के स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ एशियन आर्ट से वापस लाए जा रहे हैं। इनमें तंजावुर ज़िले के श्री भव औषधेश्वर मंदिर का लगभग 990 ई. का चोलकालीन शिव नटराज, आलत्तूर के विश्वनाथ मंदिर का 12वीं सदी का चोल सोमस्कंद (शिव और उमा), और वीरसोलपुरम का 16वीं सदी का विजयनगरकालीन संत सुंदरर व परवई शामिल हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 1950 के दशक की अभिलेखीय तस्वीरों से इन्हें इनके मंदिरों से जोड़ा, और ये कांस्य 20वीं सदी के मध्य में अवैध रूप से बाहर ले जाए गए थे। सोमस्कंद और सुंदरर कांस्य 12 मई 2026 को नई दिल्ली पहुँचे, जबकि नटराज एक निर्धारित प्रदर्शनी के बाद लौटेगा।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 13 मई 2026, राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली
- कहाँ से
- स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ एशियन आर्ट, अमेरिका
- कांस्य
- चोल शिव नटराज (लगभग 990 ई., तंजावुर ज़िला); सोमस्कंद (12वीं सदी, आलत्तूर); संत सुंदरर व परवई (16वीं सदी, विजयनगर, वीरसोलपुरम)
- शोध
- 1950 के दशक की मंदिर तस्वीरों से ASI का उद्गम शोध
- आगमन
- दो कांस्य 12 मई 2026 को; नटराज प्रदर्शनी के बाद
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मई 2026 में जिन तीन तमिलनाडु मंदिर कांस्यों की वापसी की घोषणा हुई, वे किस संस्था से लौटाए जा रहे हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ एशियन आर्ट
ये कांस्य अमेरिका के स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ एशियन आर्ट से लौटाए जा रहे हैं।
स्मिथसोनियन से लौटाया जा रहा चोलकालीन शिव नटराज (लगभग 990 ई.) मूल रूप से तमिलनाडु के किस ज़िले के मंदिर का था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — तंजावुर
यह तंजावुर ज़िले के श्री भव औषधेश्वर मंदिर का था, जहाँ 1957 में इसकी तस्वीर ली गई थी।