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स्काईरूट का विक्रम-1 कक्षा में पहुँचने वाला भारत का पहला निजी रूप से विकसित रॉकेट बना

स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1, भारत का पहला निजी रूप से विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान, 18 जुलाई 2026 को मिशन आगमन के तहत श्रीहरिकोटा से निम्न भू-कक्षा में पहुँचा।

सारांश

स्काईरूट एयरोस्पेस ने 18 जुलाई 2026 को मिशन आगमन के तहत सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से भारत का पहला निजी रूप से विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 लॉन्च किया और उसे निर्धारित निम्न भू-कक्षा में स्थापित किया। इस प्रक्षेपण के साथ स्काईरूट भारतीय धरती से कक्षीय प्रक्षेपण करने वाली पहली भारतीय निजी कंपनी बनी; केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रक्षेपण देखा और संस्थापकों पवन कुमार चंदना और भरत डाका को बधाई दी। विक्रम-1 निम्न भू-कक्षा में 350 किलोग्राम ले जा सकता है और इसमें पूर्ण कार्बन कंपोजिट संरचना, ठोस ईंधन बूस्टर और 3D-प्रिंटेड तरल इंजन है। सरकारी पृष्ठभूमि नोट के अनुसार भारत में अंतरिक्ष स्टार्ट-अप 2014 में एक से बढ़कर 2026 में 400 से अधिक हो गए हैं।

मुख्य तथ्य

प्रक्षेपण तिथि
18 जुलाई 2026
मिशन
मिशन आगमन
स्थल
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा
क्षमता
निम्न भू-कक्षा में 350 किग्रा
संस्थापक
पवन कुमार चंदना और भरत डाका

अभ्यास MCQ 4 प्रश्न

Q1

18 जुलाई 2026 को कक्षा में पहुँचे भारत के पहले निजी रूप से विकसित कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 को किस कंपनी ने बनाया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: A — स्काईरूट एयरोस्पेस

विक्रम-1 स्काईरूट एयरोस्पेस ने विकसित किया और मिशन आगमन के तहत लॉन्च किया गया।

Q2 उन्नत

18 जुलाई 2026 को स्काईरूट का विक्रम-1 किस मिशन नाम के तहत लॉन्च किया गया?

उत्तर देखें

सही उत्तर: C — मिशन आगमन

विक्रम-1 के कक्षीय प्रक्षेपण को मिशन आगमन नाम दिया गया।

Q3 उन्नत

सरकारी पृष्ठभूमि नोट के अनुसार विक्रम-1 निम्न भू-कक्षा में कितना पेलोड स्थापित कर सकता है?

उत्तर देखें

सही उत्तर: D — 350 किग्रा

पृष्ठभूमि नोट के अनुसार विक्रम-1 निम्न भू-कक्षा में 350 किग्रा स्थापित कर सकता है।

Q4 उन्नत

विक्रम-1 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विक्रम-1 में पूर्ण कार्बन कंपोजिट संरचना और 3D-प्रिंटेड तरल इंजन है। 2. विक्रम-1 सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया। 3. विक्रम-1 में केवल तरल ईंधन चरण हैं, कोई ठोस बूस्टर नहीं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

उत्तर देखें

सही उत्तर: B — केवल 1 और 2

कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: विक्रम-1 में 3D-प्रिंटेड तरल इंजन के साथ ठोस ईंधन बूस्टर भी हैं।

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