बिहार में लीची स्टिंक बग से नुकसान से निपटने के लिए विशेषज्ञ कार्यबल गठित
7 मई 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर भाकृअनुप के राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुज़फ़्फ़रपुर ने बिहार में लीची स्टिंक बग से फसलों को हो रहे नुकसान के अध्ययन के लिए विशेषज्ञ कार्यबल गठित किया, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगा।
सारांश
बिहार में लीची स्टिंक बग से लीची फसलों को हो रहे नुकसान पर विशेषज्ञ कार्यबल केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर 7 मई 2026 को भाकृअनुप के राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुज़फ़्फ़रपुर के आदेश से गठित किया गया। किसानों ने 7 मई को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में किसान संवाद के दौरान मंत्री के सामने यह समस्या उठाई। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक की अध्यक्षता वाला वैज्ञानिकों, अधिकारियों और विशेषज्ञों का यह पैनल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा, फसल नुकसान का अध्ययन करेगा, तात्कालिक व दीर्घकालिक उपाय और परामर्श सुझाएगा, और एक सप्ताह में रिपोर्ट देगा।
मुख्य तथ्य
- कीट
- बिहार में लीची फसल को नुकसान पहुँचा रहा लीची स्टिंक बग
- आदेश
- 7 मई 2026, भाकृअनुप-राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुज़फ़्फ़रपुर
- अध्यक्ष
- निदेशक, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुज़फ़्फ़रपुर
- कारण
- 7 मई 2026 को CISH, लखनऊ में किसानों की शिकायत
- समय-सीमा
- एक सप्ताह में रिपोर्ट
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
मई 2026 में बिहार की लीची फसलों के लिए विशेषज्ञ कार्यबल का गठन किस कीट के कारण हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — लीची स्टिंक बग
कार्यबल लीची स्टिंक बग से लीची फसलों को हो रहे नुकसान के अध्ययन के लिए गठित हुआ।
मई 2026 में गठित लीची स्टिंक बग विशेषज्ञ कार्यबल की अध्यक्षता कौन करता है?
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सही उत्तर: B — निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुज़फ़्फ़रपुर
राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुज़फ़्फ़रपुर के निदेशक अध्यक्ष बनाए गए; समस्या CISH, लखनऊ में उठाई गई थी।