परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु दायित्व कानून की जगह लेने वाला SHANTI विधेयक, 2025 संसद में पेश
राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 15 दिसंबर 2025 को संसद में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ़ न्यूक्लियर एनर्जी फ़ॉर ट्रांसफ़ॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) विधेयक, 2025 पेश किया।
सारांश
राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 15 दिसंबर 2025 को संसद में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ़ न्यूक्लियर एनर्जी फ़ॉर ट्रांसफ़ॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) विधेयक, 2025 पेश किया। SHANTI विधेयक परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 को निरस्त कर एक ही कानून बनाने का प्रस्ताव करता है, जो 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता के लक्ष्य के अनुरूप है। विधेयक परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड को वैधानिक दर्जा देता है, अनुसंधान और नवाचार को लाइसेंस से छूट देता है, और परमाणु क्षति दावा आयोग बनाता है, जिसमें विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण अपीलीय प्राधिकरण होगा।
मुख्य तथ्य
- तारीख
- 15 दिसंबर 2025 (पेश)
- प्रस्तुतकर्ता
- डॉ. जितेंद्र सिंह, राज्य मंत्री
- निरस्त
- परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962; परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010
- लक्ष्य
- 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता
- नियामक
- AERB को वैधानिक दर्जा
- अपील
- विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
15 दिसंबर 2025 को पेश SHANTI विधेयक, 2025 किन दो कानूनों को निरस्त करना चाहता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010
PIB 2204236: विधेयक परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम, 2010 को निरस्त करना चाहता है।
SHANTI विधेयक, 2025 के तहत परमाणु क्षति दावों के लिए कौन-सी संस्था अपीलीय प्राधिकरण होगी?
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सही उत्तर: C — विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण
PIB 2204236: विधेयक गंभीर परमाणु क्षति के लिए परमाणु क्षति दावा आयोग बनाता है, जिसमें विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण अपीलीय प्राधिकरण होगा।
SHANTI विधेयक, 2025 के उद्देश्यों और कारणों के कथन में 2047 तक कितनी परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य का उल्लेख है?
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सही उत्तर: D — 100 गीगावाट
PIB 2204236: कथन में 2070 तक डीकार्बोनाइज़ेशन और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य का उल्लेख है।