नई दिल्ली में 1008 संस्कृत संभाषण शिविरों का समापन समारोह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 मई 2025 को नई दिल्ली में संस्कृत भारती के 1008 संस्कृत संभाषण शिविरों के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सारांश
संस्कृत भारती के 1008 संस्कृत संभाषण शिविरों का समापन समारोह 4 मई 2025 को नई दिल्ली में हुआ, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उपस्थित रहीं। शाह ने कहा कि संस्कृत भारती 1981 से लोगों को संस्कृत बोलने और सीखने का प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने बताया कि पांडुलिपि संरक्षण के लिए ₹500 करोड़ के कोष के साथ ज्ञान भारतम मिशन शुरू किया गया है, और 52 लाख से अधिक पांडुलिपियों का दस्तावेज़ीकरण, लगभग 3.5 लाख का डिजिटलीकरण और 1,37,000 को namami.gov.in पर ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।
मुख्य तथ्य
- आयोजन
- 1008 संस्कृत संभाषण शिविरों का समापन
- आयोजक
- संस्कृत भारती (1981 से)
- ज्ञान भारतम मिशन
- ₹500 करोड़
- पांडुलिपियाँ
- 52 लाख+ दस्तावेज़ीकृत
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
पांडुलिपि संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन का मूल कोष कितना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — ₹500 करोड़
ज्ञान भारतम मिशन ₹500 करोड़ के मूल कोष के साथ शुरू किया गया।
संस्कृत संभाषण शिविरों के समापन समारोह (मई 2025) में बताए गए निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 52 लाख से अधिक पांडुलिपियों का दस्तावेज़ीकरण हुआ है। 2. लगभग 1,37,000 पांडुलिपियाँ namami.gov.in पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं; लगभग 3.5 लाख पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण भी हुआ है।
1008 संस्कृत संभाषण शिविर आयोजित करने वाली संस्कृत भारती कब से कार्य कर रही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1981
संस्कृत भारती 1981 से लोगों को संस्कृत बोलने और सीखने में मदद कर रही है।