राजनाथ सिंह ने 'संजय' युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली को हरी झंडी दिखाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 24 जनवरी 2025 को साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली से भारतीय सेना और बीईएल द्वारा ₹2,402 करोड़ की लागत से विकसित 'संजय – युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली' को हरी झंडी दिखाई।
सारांश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 24 जनवरी 2025 को साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली से 'संजय – युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली (बीएसएस)' को हरी झंडी दिखाई। संजय ज़मीनी और हवाई युद्धक्षेत्र सेंसरों के इनपुट को एकीकृत करके आर्मी डेटा नेटवर्क और उपग्रह संचार नेटवर्क पर साझा निगरानी चित्र तैयार करता है। भारतीय सेना और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा 'बाय (इंडियन)' श्रेणी में ₹2,402 करोड़ की लागत से संयुक्त रूप से विकसित संजय को मार्च से अक्टूबर 2025 तक तीन चरणों में सभी ऑपरेशनल ब्रिगेड, डिवीज़न और कोर में शामिल किया जाएगा; 2025 रक्षा मंत्रालय में 'सुधार वर्ष' है।
मुख्य तथ्य
- हरी झंडी
- 24 जनवरी 2025, साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली
- प्रणाली
- संजय – युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली
- विकासकर्ता
- भारतीय सेना और बीईएल
- लागत
- ₹2,402 करोड़, बाय (इंडियन) श्रेणी
- शामिल करना
- तीन चरण, मार्च–अक्टूबर 2025
- आउटपुट
- युद्धक्षेत्र का साझा निगरानी चित्र
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
24 जनवरी 2025 को हरी झंडी दिखाई गई 'संजय' किस प्रकार की प्रणाली है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली
PIB 2095712: संजय युद्धक्षेत्र निगरानी प्रणाली है जो सेंसर इनपुट को साझा निगरानी चित्र में जोड़ती है।
संजय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे भारतीय सेना और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने संयुक्त रूप से विकसित किया। 2. इसे 'बाय (इंडियन)' श्रेणी में ₹2,402 करोड़ की लागत से विकसित किया गया। 3. इसे मार्च 2025 में एक ही चरण में शामिल किया जाना है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
PIB 2095712: संजय सेना और बीईएल ने ₹2,402 करोड़ में बाय (इंडियन) के तहत बनाया; इसे मार्च से अक्टूबर 2025 तक तीन चरणों में शामिल किया जाएगा।