भूटान में 17 दिन की प्रदर्शनी के बाद पवित्र पिपरहवा बुद्ध अवशेष भारत लौटे
भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष भूटान में 17 दिन की प्रदर्शनी के बाद 25 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ भारत लौटे।
सारांश
अवशेषों को वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के तहत 8 से 25 नवंबर 2025 तक थिम्पू के त्राशीछोज़ोंग के ग्रैंड कुएनरे हॉल में प्रतिष्ठापित किया गया था। भूटान नरेश ने विदाई समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई। पालम हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के महानिदेशक अभिजीत हलदर, भिक्षुओं और संस्कृति मंत्रालय व राष्ट्रीय संग्रहालय के अधिकारियों ने अवशेषों की अगवानी की।
मुख्य तथ्य
- अवशेष
- भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेष
- प्रदर्शनी
- त्राशीछोज़ोंग, थिम्पू, 8–25 नवंबर 2025
- अवसर
- वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव, भूटान
- साथ
- किरेन रिजिजू
- वापसी
- 25 नवंबर 2025, पालम हवाई अड्डा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
25 नवंबर 2025 को भारत लौटे पवित्र बुद्ध अवशेष किस देश में प्रदर्शनी के लिए गए थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — भूटान
पिपरहवा अवशेष 8 से 25 नवंबर 2025 तक भूटान के थिम्पू स्थित त्राशीछोज़ोंग में प्रतिष्ठापित थे।
भूटान में बुद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी (8–25 नवंबर 2025) किस आयोजन के तहत हुई?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव
पवित्र पिपरहवा अवशेष वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के तहत थिम्पू में प्रतिष्ठापित किए गए थे।