रमन अनुसंधान संस्थान के नेतृत्व वाले अध्ययन में सही समय पर एक 'फ़्लिप' से क्वांटम उलझाव की हानि टालने का तरीका
7 सितंबर 2026 को DST द्वारा बताए गए रमन अनुसंधान संस्थान, कैलगरी विश्वविद्यालय और लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के अध्ययन में दिखा कि सही समय पर एक फ़्लिप ऑपरेशन से क्वांटम उलझाव की 'आकस्मिक मृत्यु' टाली जा सकती है।
सारांश
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान रमन अनुसंधान संस्थान (RRI) के वैज्ञानिकों ने कैलगरी विश्वविद्यालय और लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ क्वांटम उलझाव (एंटैंगलमेंट) को लंबे समय तक बनाए रखने का तरीका खोजा, DST ने 7 सितंबर 2026 को बताया। दो कणों का उलझाव उनके क्षय के दौरान एक निश्चित समय पर समाप्त हो सकता है, जिसे एंटैंगलमेंट की आकस्मिक मृत्यु कहते हैं। टीम ने दिखाया कि सही क्षण पर एक फ़्लिप ऑपरेशन इस आकस्मिक मृत्यु को टाल, विलंबित या तेज़ कर सकता है, यानी समय उतना ही महत्त्वपूर्ण है जितना ऑपरेशन। यह तरीका भविष्य के क्वांटम कंप्यूटरों में नाज़ुक क्वांटम कड़ियों को हार्डवेयर बदले बिना लंबा चलाने में मदद कर सकता है। मुख्य लेखक सौम्य रंजन बेहेरा RRI की QuIC लैब में हैं।
मुख्य तथ्य
- संस्थान
- रमन अनुसंधान संस्थान (DST), कैलगरी विश्वविद्यालय, लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी
- समस्या
- क्षय के साथ उलझाव की 'आकस्मिक मृत्यु'
- निष्कर्ष
- सही समय पर एक फ़्लिप ऑपरेशन इसे टाल सकता है
- उपयोग
- हार्डवेयर बदले बिना लंबी क्वांटम कड़ियाँ
- मुख्य लेखक
- सौम्य रंजन बेहेरा, QuIC लैब, RRI
अभ्यास MCQ 1 प्रश्न
किस भारतीय संस्थान के वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया जिसमें दिखा कि सही समय पर फ़्लिप ऑपरेशन क्वांटम प्रणालियों में 'एंटैंगलमेंट की आकस्मिक मृत्यु' को टाल सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — रमन अनुसंधान संस्थान
यह अध्ययन रमन अनुसंधान संस्थान (DST का स्वायत्त संस्थान) के वैज्ञानिकों ने कैलगरी विश्वविद्यालय और लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ किया।