2024-25 में खुदरा महँगाई 4.6%, 2018-19 के बाद सबसे कम; मार्च 2025 में CPI 3.34%
वित्त मंत्रालय ने 16 अप्रैल 2025 को बताया कि CPI खुदरा महँगाई 2024-25 में घटकर 4.6% रही, जो 2018-19 के बाद सबसे कम है, और मार्च 2025 में वार्षिक आधार पर 3.34% रही, जो अगस्त 2019 के बाद की सबसे कम मासिक दर है।
सारांश
वित्त मंत्रालय ने 16 अप्रैल 2025 को बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से मापी गई खुदरा महँगाई 2024-25 में घटकर 4.6% रही, जो 2018-19 के बाद सबसे कम है। मार्च 2025 में वार्षिक महँगाई 3.34% रही, जो फ़रवरी 2025 से 27 आधार अंक कम और अगस्त 2019 के बाद की सबसे कम मासिक दर है। मंत्रालय ने आवश्यक खाद्य वस्तुओं के बफ़र स्टॉक को खुले बाज़ार में जारी करने, मुख्य वस्तुओं की रियायती खुदरा बिक्री, स्टॉक सीमा और आवश्यक वस्तुओं पर कम GST जैसे उपाय गिनाए। भारत में CPI सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा 2012 आधार वर्ष पर संकलित किया जाता है।
मुख्य तथ्य
- CPI महँगाई 2024-25
- 4.6% (2018-19 के बाद सबसे कम)
- मार्च 2025
- 3.34%
- सबसे कम मासिक दर
- अगस्त 2019 के बाद
- संकलन
- NSO, MoSPI; आधार वर्ष 2012
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
अप्रैल 2025 में वित्त मंत्रालय के अनुसार पूरे वर्ष 2024-25 में भारत की CPI-आधारित खुदरा महँगाई कितनी रही?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 4.6%
4.6%, जो 2018-19 के बाद सबसे कम है।
मार्च 2025 की 3.34% वार्षिक CPI महँगाई किस महीने के बाद की सबसे कम मासिक दर थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — अगस्त 2019
अगस्त 2019; मार्च 2025 की महँगाई फ़रवरी 2025 से 27 आधार अंक कम थी।
भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे भारतीय रिज़र्व बैंक संकलित करता है। 2. इसकी गणना वर्तमान में 2012 आधार वर्ष पर होती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — केवल 2
केवल 2 सही है। CPI को RBI नहीं, बल्कि MoSPI के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय संकलित करता है; इसका आधार वर्ष 2012 है।