गणतंत्र दिवस परेड 2025 पुरस्कार: उत्तर प्रदेश की महाकुंभ झाँकी सर्वश्रेष्ठ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 30 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड 2025 के सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों और झाँकियों को पुरस्कार दिए; राज्यों में उत्तर प्रदेश की महाकुंभ झाँकी सर्वश्रेष्ठ चुनी गई।
सारांश
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 30 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड 2025 के सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्तों और झाँकियों को पुरस्कार दिए। निर्णायकों ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश की झाँकी 'महाकुंभ 2025 – स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास' को पहला स्थान दिया, इसके बाद त्रिपुरा (खर्ची पूजा) और आंध्र प्रदेश (एटिकोप्पाका बोम्मालु लकड़ी के खिलौने) रहे। सेनाओं में जम्मू-कश्मीर राइफ़ल्स और CAPF/सहायक बलों में दिल्ली पुलिस का दस्ता सर्वश्रेष्ठ रहा, जबकि केंद्रीय मंत्रालयों में जनजातीय कार्य मंत्रालय की झाँकी सर्वश्रेष्ठ रही। MyGov लोकप्रिय पसंद मतदान में राज्यों में गुजरात की झाँकी पहले स्थान पर रही।
मुख्य तथ्य
- प्रदान
- 30 जनवरी 2025, राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, दिल्ली
- प्रदानकर्ता
- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
- सर्वश्रेष्ठ राज्य झाँकी
- 1. उत्तर प्रदेश, 2. त्रिपुरा, 3. आंध्र प्रदेश
- सर्वश्रेष्ठ सेना दस्ता
- जम्मू-कश्मीर राइफ़ल्स
- सर्वश्रेष्ठ CAPF दस्ता
- दिल्ली पुलिस
- सर्वश्रेष्ठ मंत्रालय झाँकी
- जनजातीय कार्य मंत्रालय
- लोकप्रिय पसंद (राज्य)
- गुजरात
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
गणतंत्र दिवस परेड 2025 में किस राज्य/UT की झाँकी को निर्णायकों ने सर्वश्रेष्ठ चुना?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — उत्तर प्रदेश
PIB 2097650: उत्तर प्रदेश की 'महाकुंभ 2025 – स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास' पहले, त्रिपुरा दूसरे और आंध्र प्रदेश तीसरे स्थान पर रहे; लोकप्रिय पसंद में गुजरात शीर्ष पर रहा।
गणतंत्र दिवस परेड 2025 में सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता किसे चुना गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — जम्मू-कश्मीर राइफ़ल्स दस्ता
PIB 2097650: सेनाओं में जम्मू-कश्मीर राइफ़ल्स दस्ता सर्वश्रेष्ठ रहा; लोकप्रिय पसंद में सिग्नल्स दस्ता जीता।
गणतंत्र दिवस परेड 2025 में दूसरे स्थान पर रही त्रिपुरा की झाँकी किस पर्व पर आधारित थी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — खर्ची पूजा
PIB 2097650: त्रिपुरा की झाँकी 'शाश्वत श्रद्धा: त्रिपुरा में 14 देवताओं की पूजा – खर्ची पूजा' थी।