दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक योजना में 6,000 MTPA क्षमता के लिए 20 बोलियाँ
भारी उद्योग मंत्रालय ने 13 अगस्त 2026 को बताया कि सिंटर्ड दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक (REPM) विनिर्माण प्रोत्साहन योजना के तहत उसे 20 बोलियाँ मिली हैं; योजना का लक्ष्य भारत में 6,000 MTPA की एकीकृत चुंबक क्षमता बनाना है।
सारांश
भारी उद्योग मंत्रालय ने 13 अगस्त 2026 को बताया कि सिंटर्ड दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक (REPM) विनिर्माण प्रोत्साहन योजना के तहत एकीकृत सिंटर्ड NdFeB चुंबक संयंत्रों के लिए निर्माताओं के चयन हेतु वैश्विक निविदा में उसे 20 बोलियाँ मिली हैं। बोलीदाताओं में कोल इंडिया लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, लोहुम, एटेरो रीसाइक्लिंग, रीन्यू और प्रोटेरियल (इंडिया) शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस अपनी तरह की पहली योजना को 26 नवंबर 2025 को मंज़ूरी दी थी। इसका लक्ष्य कुल 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता स्थापित करना है, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 1,200 MTPA आवंटित होगी।
मुख्य तथ्य
- प्राप्त बोलियाँ
- 20 (CPP पोर्टल पर वैश्विक निविदा)
- चुंबक प्रकार
- सिंटर्ड NdFeB दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक
- कुल क्षमता
- 6,000 MTPA
- प्रति लाभार्थी
- अधिकतम 1,200 MTPA
- मंत्रिमंडल मंज़ूरी
- 26 नवंबर 2025
- कुछ बोलीदाता
- कोल इंडिया, L&T, लोहुम, एटेरो, रीन्यू
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
सिंटर्ड दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक विनिर्माण प्रोत्साहन योजना कुल कितनी विनिर्माण क्षमता बनाने का लक्ष्य रखती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 6,000 MTPA
योजना का लक्ष्य कुल 6,000 MTPA क्षमता है, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 1,200 MTPA मिलेगी; अगस्त 2026 तक इसे 20 बोलियाँ मिलीं।
अगस्त 2026 में 20 बोलियाँ पाने वाली सिंटर्ड दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक विनिर्माण योजना किस मंत्रालय की है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — भारी उद्योग मंत्रालय
भारी उद्योग मंत्रालय को CPP पोर्टल पर वैश्विक निविदा के ज़रिए REPM योजना में 20 बोलियाँ मिलीं।
REPM योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. योजना सिंटर्ड NdFeB (नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन) चुंबकों को कवर करती है। 2. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने योजना को नवंबर 2025 में मंज़ूरी दी। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। योजना एकीकृत सिंटर्ड NdFeB दुर्लभ मृदा स्थायी चुंबक संयंत्रों के लिए है और मंत्रिमंडल ने इसे 26 नवंबर 2025 को मंज़ूरी दी।