रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुए को हैदरपुर वेटलैंड में गंगा में पुनः छोड़ा गया
26 अप्रैल 2025 को 20 रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुओं (बटागुर कचुगा) को गढ़ैता कछुआ संरक्षण केंद्र से उत्तर प्रदेश के हैदरपुर वेटलैंड में छोड़ा गया — नमामि गंगे के सहयोग से गंगा में इस प्रजाति के पुनःप्रवेश का पहला प्रयास।
सारांश
29 अप्रैल 2025 की जल शक्ति मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार 26 अप्रैल 2025 को 20 रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुओं (बटागुर कचुगा) को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की देखरेख वाले गढ़ैता कछुआ संरक्षण केंद्र से हैदरपुर वेटलैंड में छोड़ा गया। यह गंगा में इस प्रजाति के पुनःप्रवेश का पहला प्रयास है। कछुओं को दो समूहों में — हैदरपुर बैराज के ऊपर और नीचे मुख्य धारा में — 'सॉफ़्ट' और 'हार्ड' रिलीज़ रणनीतियों की तुलना के लिए छोड़ा गया। यह कार्य नमामि गंगे मिशन के सहयोग से TSAFI परियोजना टीम ने किया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 26 अप्रैल 2025
- प्रजाति
- रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुआ (बटागुर कचुगा)
- संख्या
- 20
- स्थान
- हैदरपुर वेटलैंड
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
26 अप्रैल 2025 को हैदरपुर वेटलैंड में छोड़ने के लिए 20 रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुओं को किस केंद्र से लाया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — गढ़ैता कछुआ संरक्षण केंद्र
कछुओं को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की देखरेख वाले गढ़ैता कछुआ संरक्षण केंद्र से लाया गया।
26 अप्रैल 2025 को रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुओं को छोड़ने के बारे में विचार कीजिए: 1. यह गंगा में इस प्रजाति के पुनःप्रवेश का पहला प्रयास है। 2. सभी कछुओं को गंगा की मुख्य धारा में नीचे की ओर छोड़ा गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। कछुओं को दो समूहों में छोड़ा गया — एक हैदरपुर बैराज के ऊपर और दूसरा नीचे मुख्य धारा में।
26 अप्रैल 2025 को हैदरपुर वेटलैंड में कितने रेड-क्राउन्ड रूफ़्ड कछुए छोड़े गए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 20
26 अप्रैल 2025 को 20 कछुओं को हैदरपुर वेटलैंड में छोड़ा गया।