₹1 लाख करोड़ के RDI फ़ंड के पहले फ़ंड मैनेजर बने TDB और BIRAC
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और BIRAC को ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) फ़ंड के पहले द्वितीय-स्तरीय फ़ंड मैनेजर के रूप में मंज़ूरी मिली है, और उद्योग परियोजनाओं की फ़ंडिंग जनवरी 2026 के अंत तक शुरू होगी।
सारांश
अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) फ़ंड योजना का उद्देश्य ₹1 लाख करोड़ की निधि से निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले शोध और नवाचार को बढ़ावा देना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 19 जनवरी 2026 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) को पहले द्वितीय-स्तरीय फ़ंड मैनेजर (SLFM) के रूप में मंज़ूरी मिल गई है और वे महीने के अंत तक उद्योग-समर्थित परियोजनाओं को फ़ंड देना शुरू करेंगे। योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2025 को मंज़ूरी दी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर 2025 को दिशानिर्देश, आवेदन आमंत्रण और पोर्टल के साथ इसे शुरू किया था।
मुख्य तथ्य
- फ़ंड
- RDI फ़ंड, ₹1 लाख करोड़
- पहले SLFM
- TDB और BIRAC
- फ़ंडिंग शुरू
- जनवरी 2026 के अंत तक
- मंत्रिमंडल मंज़ूरी
- 1 जुलाई 2025
- शुरुआत
- 3 नवंबर 2025, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
RDI फ़ंड के तहत पहले द्वितीय-स्तरीय फ़ंड मैनेजर के रूप में किन दो संस्थाओं को मंज़ूरी मिली?
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सही उत्तर: A — TDB और BIRAC
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड और BIRAC को RDI फ़ंड के पहले द्वितीय-स्तरीय फ़ंड मैनेजर के रूप में मंज़ूरी मिली।
निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले शोध को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) फ़ंड का आकार कितना है?
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सही उत्तर: C — ₹1 लाख करोड़
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): RDI फ़ंड निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले शोध और नवाचार के लिए ₹1 लाख करोड़ की पहल है।
RDI फ़ंड योजना के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 1 जुलाई 2025 को मंज़ूरी दी। 2. प्रधानमंत्री ने इसे 3 नवंबर 2025 को औपचारिक रूप से शुरू किया। 3. उद्योग-समर्थित परियोजनाओं की फ़ंडिंग 2025 के अंत से पहले शुरू हो चुकी थी। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
PIB (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी): मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2025 को मंज़ूरी दी और प्रधानमंत्री ने 3 नवंबर 2025 को शुरुआत की; उद्योग परियोजनाओं की फ़ंडिंग जनवरी 2026 के अंत तक शुरू होनी थी।