RBI ने बैंकों को DoT का वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक अपनाने का निर्देश दिया
30 जून 2025 को भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और सहकारी बैंकों को दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (FRI) को अपनी प्रणालियों में जोड़ने का परामर्श जारी किया।
सारांश
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 30 जून 2025 को परामर्श जारी कर सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और सहकारी बैंकों को वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (FRI) को अपनी प्रणालियों में जोड़ने का निर्देश दिया। FRI को मई 2025 में दूरसंचार विभाग (DoT) की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) ने शुरू किया था; यह जोखिम-आधारित मापदंड किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम से जुड़ा बताता है, जिसके लिए I4C के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, DoT के चक्षु प्लेटफ़ॉर्म और बैंकों से जानकारी ली जाती है। DoT ने 2 जुलाई 2025 को इस परामर्श का स्वागत किया।
मुख्य तथ्य
- परामर्श
- RBI, 30 जून 2025
- FRI शुरू
- मई 2025, DoT की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट
- जोखिम स्तर
- मध्यम, उच्च, बहुत उच्च
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
30 जून 2025 को RBI ने बैंकों से जिस वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (FRI) को जोड़ने को कहा, उसे किसने विकसित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — दूरसंचार विभाग
PIB: RBI के 30 जून 2025 के परामर्श में बैंकों को दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा विकसित FRI जोड़ने का निर्देश है।
वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक किसी मोबाइल नंबर को किन जोखिम श्रेणियों में बाँटता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — मध्यम, उच्च, बहुत उच्च
PIB: FRI किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम से जुड़ा बताता है।
वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (FRI) के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. इसे मई 2025 में DoT की डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट ने शुरू किया। 2. RBI के 30 जून 2025 के परामर्श में सहकारी बैंक शामिल नहीं हैं। 3. यह केवल DoT के चक्षु प्लेटफ़ॉर्म के डेटा पर आधारित है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल कथन 1 सही है (PIB)। कथन 2 गलत है: परामर्श में अनुसूचित वाणिज्यिक, लघु वित्त, भुगतान और सहकारी बैंक शामिल हैं। कथन 3 गलत है: I4C के NCRP और बैंकों/वित्तीय संस्थानों से भी जानकारी ली जाती है।