RRI वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा की अति-गर्म गैस का स्रोत बताया: तारकीय डिस्क के चारों ओर फूला हुआ क्षेत्र
22 नवंबर 2024 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने बताया कि रमन अनुसंधान संस्थान (RRI) के वैज्ञानिकों ने IIT-पलक्कड़ और ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर आकाशगंगा के चारों ओर रहस्यमय एक करोड़ डिग्री गैस के लिए एक मॉडल प्रस्तावित किया।
सारांश
22 नवंबर 2024 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने DST के स्वायत्त संस्थान रमन अनुसंधान संस्थान (RRI) के वैज्ञानिकों और IIT-पलक्कड़ तथा ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के सहयोगियों के शोध की जानकारी दी, जो आकाशगंगा के चारों ओर हाल में खोजी गई लगभग एक करोड़ डिग्री केल्विन की गैस पर है। उन्होंने पाया कि एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस और प्रकाश अवशोषित करने वाली गैस एक नहीं हैं: एक्स-रे उत्सर्जक गर्म गैस आकाशगंगा की तारकीय डिस्क के चारों ओर फूले हुए क्षेत्र से आती है, जो निरंतर तारा निर्माण से जुड़े विस्फोटों से गर्म होती है। सल्फर, मैग्नीशियम और नियॉन जैसे α-तत्वों से समृद्ध अवशोषक गैस डिस्क के ऊपर भागते तारों के सुपरनोवा विस्फोट से बन सकती है।
मुख्य तथ्य
- शोध
- RRI (DST), IIT-पलक्कड़ और ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ
- गैस का तापमान
- ~1 करोड़ K
- निष्कर्ष
- उत्सर्जक और अवशोषक गर्म गैस अलग हैं
- उत्सर्जक गैस
- तारकीय डिस्क के चारों ओर फूला हुआ क्षेत्र
- अवशोषक गैस
- α-तत्व समृद्ध (S, Mg, Ne); भागते तारों के सुपरनोवा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
नवंबर 2024 में DST द्वारा वित्तपोषित किस स्वायत्त संस्थान के वैज्ञानिकों ने प्रस्तावित किया कि आकाशगंगा की एक्स-रे उत्सर्जक गर्म गैस उसकी तारकीय डिस्क के चारों ओर फूले हुए क्षेत्र से आती है?
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सही उत्तर: D — रमन अनुसंधान संस्थान
PIB (DST): DST द्वारा वित्तपोषित स्वायत्त संस्थान रमन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने IIT-पलक्कड़ और ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के सहयोगियों के साथ यह मॉडल प्रस्तावित किया।
RRI वैज्ञानिकों द्वारा अध्ययन की गई आकाशगंगा के चारों ओर की अवशोषक गर्म गैस α-तत्वों से समृद्ध पाई गई। उदाहरण के रूप में किनका उल्लेख किया गया?
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सही उत्तर: C — सल्फर, मैग्नीशियम और नियॉन
PIB (DST): यह गैस सल्फर, मैग्नीशियम और नियॉन जैसे α-तत्वों से समृद्ध प्रतीत होती है, जिनके नाभिक हीलियम नाभिकों के गुणज हैं।