क़िंगदाओ में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह; संयुक्त वक्तव्य स्वीकार नहीं हुआ
26 जून 2025 को क़िंगदाओ, चीन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया, चीन के एडमिरल डोंग जुन और रूस के आंद्रेई बेलौसोव से बातचीत की, और बैठक बिना संयुक्त वक्तव्य के समाप्त हुई।
सारांश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 जून 2025 को क़िंगदाओ, चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए सदस्यों से आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होने और सीमा-पार आतंकवाद को नीति बनाने वाले देशों की आलोचना करने का आह्वान किया। सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी UN-नामित लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी द रेज़िस्टेंस फ्रंट ने ली थी। उन्होंने चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन से भेंट की और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष तथा पाँच वर्ष बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली का उल्लेख किया। उन्होंने रूस के आंद्रेई बेलौसोव से भी भेंट की। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संयुक्त वक्तव्य स्वीकार नहीं हुआ क्योंकि आतंकवाद पर भारत की चिंताएँ 'एक विशेष देश' को स्वीकार्य नहीं थीं।
मुख्य तथ्य
- बैठक
- SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक, क़िंगदाओ
- चीन
- एडमिरल डोंग जुन; कैलाश मानसरोवर यात्रा 5 वर्ष बाद बहाल
- रूस
- आंद्रेई बेलौसोव
- संयुक्त वक्तव्य (MEA)
- स्वीकार नहीं हुआ
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
जून 2025 में राजनाथ सिंह ने जिस SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लिया, वह चीन के किस शहर में हुई?
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सही उत्तर: B — क़िंगदाओ
PIB: राजनाथ सिंह ने 26 जून 2025 को क़िंगदाओ, चीन में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया।
26 जून 2025 को क़िंगदाओ में SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने किस चीनी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक की?
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सही उत्तर: C — एडमिरल डोंग जुन
PIB: राजनाथ सिंह ने 26 जून 2025 को क़िंगदाओ में अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जुन के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
एडमिरल डोंग जुन से बैठक में राजनाथ सिंह ने कितने वर्ष के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली की सराहना की?
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सही उत्तर: A — पाँच
PIB: रक्षा मंत्री ने पाँच वर्ष के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली की सराहना की।
क़िंगदाओ में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक (जून 2025) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी UN-नामित लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी द रेज़िस्टेंस फ्रंट ने ली। 2. MEA के अनुसार संयुक्त वक्तव्य इसलिए स्वीकार नहीं हुआ क्योंकि आतंकवाद पर भारत की चिंताएँ एक विशेष देश को स्वीकार्य नहीं थीं। 3. MEA प्रवक्ता ने आपत्ति करने वाले देश का सार्वजनिक रूप से नाम लिया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
कथन 1 सिंह के संबोधन (PIB) से है। कथन 2 MEA प्रवक्ता का कथन है (रॉयटर्स, इंडियन एक्सप्रेस)। कथन 3 गलत है: रणधीर जायसवाल ने देश का नाम नहीं लिया।