राजस्थान का जन आधार (परिवार पहचान) अब लगभग 7.5 करोड़ निवासियों के लिए डिजीलॉकर पर
17 जून 2026 को इलेक्ट्रॉनिकी मंत्रालय ने बताया कि डिजीलॉकर ने राजस्थान के जन आधार (परिवार पहचान) को जोड़ा है, जिससे लगभग 7.5 करोड़ निवासियों को तुरंत डिजिटल पहुंच मिली।
सारांश
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट डिजीलॉकर ने राजस्थान के जन आधार (परिवार पहचान) को जोड़ा है, जिससे राजस्थान के लगभग 7.5 करोड़ निवासी इसे डिजिटल रूप से प्राप्त और साझा कर सकते हैं; इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह घोषणा 17 जून 2026 को की। यह एकीकरण दोनों तरफ़ काम करता है: नागरिक अपना मौजूदा जन आधार डिजीलॉकर में ला सकते हैं और ऐप के भीतर से नई परिवार पहचान के लिए नामांकन भी कर सकते हैं। जन आधार राजस्थान का प्रमुख पारिवारिक पहचान दस्तावेज़ है, जिसका उपयोग चिरंजीवी योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ, PDS लाभ और छात्रवृत्ति जैसी सेवाओं के लिए होता है।
मुख्य तथ्य
- दस्तावेज़
- जन आधार (परिवार पहचान), राजस्थान सरकार
- प्लेटफ़ॉर्म
- डिजीलॉकर
- लाभार्थी
- लगभग 7.5 करोड़ निवासी
- सेवाएं
- चिरंजीवी योजना, PDS, छात्रवृत्ति
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जून 2026 में डिजीलॉकर से जोड़ा गया परिवार पहचान दस्तावेज़ जन आधार किस राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — राजस्थान
जन आधार (परिवार पहचान) राजस्थान सरकार द्वारा जारी पारिवारिक पहचान दस्तावेज़ है।
इलेक्ट्रॉनिकी मंत्रालय (जून 2026) के अनुसार राजस्थान के लगभग कितने निवासी डिजीलॉकर पर अपना जन आधार प्राप्त कर सकते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 7.5 करोड़
राजस्थान के लगभग 7.5 करोड़ निवासी अब डिजीलॉकर पर अपना जन आधार प्राप्त कर सकते हैं।