रेलवे ने प्रमुख कोयला कॉरिडोर पर ₹755 करोड़ की चांपा–कोरबा तीसरी लाइन को मंज़ूरी दी
16 जून 2026 को रेल मंत्रालय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 42 किमी लंबी चांपा–कोरबा तीसरी लाइन को ₹755 करोड़ की अनुमानित लागत पर मंज़ूरी की घोषणा की।
सारांश
भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की 42 किमी लंबी चांपा–कोरबा तीसरी लाइन परियोजना को ₹755 करोड़ की अनुमानित लागत पर मंज़ूरी दी है; रेल मंत्रालय ने यह घोषणा 16 जून 2026 को की। यह कॉरिडोर मिशन 3000 MT और हाई-डेंसिटी नेटवर्क पहलों के तहत चिह्नित है और साउथ ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड तथा महानदी कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड के कोयला क्षेत्रों को मुंबई–हावड़ा हाई डेंसिटी कॉरिडोर से जोड़ता है। 'भारत की ऊर्जा राजधानी' कहे जाने वाले कोरबा में कई ताप विद्युत संयंत्र हैं; इस खंड पर अभी रोज़ लगभग 10 जोड़ी यात्री और 55 जोड़ी माल गाड़ियां चलती हैं।
मुख्य तथ्य
- परियोजना
- चांपा–कोरबा तीसरी लाइन, 42 किमी, SECR
- लागत
- ₹755 करोड़
- पहल
- मिशन 3000 MT; हाई-डेंसिटी नेटवर्क
- कोरबा
- 'भारत की ऊर्जा राजधानी'
- स्थान
- कोरबा ज़िला, छत्तीसगढ़
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
जून 2026 में मंज़ूर चांपा–कोरबा तीसरी लाइन से जुड़े किस शहर को रेल मंत्रालय ने 'भारत की ऊर्जा राजधानी' कहा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — कोरबा
कोरबा को 'भारत की ऊर्जा राजधानी' कहा जाता है, जहां बड़ी संख्या में ताप विद्युत संयंत्र हैं।
जून 2026 में मंज़ूर चांपा–कोरबा तीसरी लाइन परियोजना किस रेलवे ज़ोन की है और इसकी लागत लगभग कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, ₹755 करोड़
42 किमी की यह परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की है, जिसकी अनुमानित लागत ₹755 करोड़ है।