सरकार ने MSME के लिए QCO में छूट और BIS शुल्क रियायतों का विवरण दिया
MSME मंत्रालय ने 14 दिसंबर 2025 को बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेश MSME के लिए छूट के साथ लागू किए जाते हैं, जिनमें सूक्ष्म और लघु उद्यमों को अतिरिक्त समय और BIS वार्षिक न्यूनतम मार्किंग शुल्क में 80% तक रियायत शामिल है।
सारांश
MSME मंत्रालय ने 14 दिसंबर 2025 को बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के माध्यम से चरणबद्ध रूप से लागू गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCO) में MSME के लिए छूट और रियायतें हैं, ताकि घरेलू उत्पादन बाधित न हो। QCO छूट के तहत सूक्ष्म उद्यमों को 6 महीने और लघु उद्यमों को 3 महीने का विस्तार मिलता है, अनुसंधान एवं विकास के लिए 200 इकाइयों तक का आयात छूट-प्राप्त है, और पुराना स्टॉक छह महीने में निकाला जा सकता है। BIS सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को वार्षिक न्यूनतम मार्किंग शुल्क में क्रमशः 80%, 50% और 20% रियायत देता है, और पूर्वोत्तर में स्थित या महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को 10% अतिरिक्त रियायत मिलती है।
मुख्य तथ्य
- जारी
- 14 दिसंबर 2025
- अतिरिक्त समय
- सूक्ष्म: 6 महीने; लघु: 3 महीने
- R&D आयात
- 200 इकाइयों तक छूट
- पुराना स्टॉक
- छह महीने में निकासी
- BIS शुल्क रियायत
- सूक्ष्म 80%, लघु 50%, मध्यम 20%
- अतिरिक्त रियायत
- पूर्वोत्तर या महिला-संचालित MSME को 10%
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
14 दिसंबर 2025 को सरकार के अनुसार सूक्ष्म उद्यमों को BIS वार्षिक न्यूनतम मार्किंग शुल्क में कितनी रियायत मिलती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 80%
PIB 2203666: रियायत सूक्ष्म के लिए 80%, लघु के लिए 50% और मध्यम के लिए 20% है, और पूर्वोत्तर या महिला-संचालित इकाइयों को 10% अतिरिक्त।
14 दिसंबर 2025 को बताई गई MSME के लिए QCO छूट के तहत सूक्ष्म उद्यमों को अनुपालन के लिए कितना अतिरिक्त समय मिलता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 6 महीने
PIB 2203666: सूक्ष्म उद्यमों को 6 महीने और लघु उद्यमों को 3 महीने का विस्तार मिलता है।