पुरी में बहुड़ा यात्रा; पवित्र त्रिमूर्ति गुंडिचा मंदिर से लौटी
5 जुलाई 2025 को ओडिशा के पुरी में बहुड़ा यात्रा (वापसी रथ उत्सव) में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर के सिंहद्वार तक लौटे।
सारांश
भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का वापसी रथ उत्सव बहुड़ा यात्रा 5 जुलाई 2025 को ओडिशा के पुरी में हुआ, जिसमें देवता गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर की ओर लौटे। पुरी के गजपति दिव्यसिंह देब ने तीनों रथों पर छेरा पहंरा अनुष्ठान किया, और सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ चला, फिर देवी सुभद्रा का दर्पदलन और भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष; तीनों रथ श्रीमंदिर के सिंहद्वार पहुँचे।
मुख्य तथ्य
- तिथि/स्थान
- 5 जुलाई 2025, पुरी
- छेरा पहंरा
- गजपति दिव्यसिंह देब
- रथ
- तालध्वज, दर्पदलन, नंदीघोष
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
5 जुलाई 2025 की बहुड़ा यात्रा में पुरी के देवता किस मंदिर से लौटे?
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सही उत्तर: B — गुंडिचा मंदिर
न्यू इंडियन एक्सप्रेस और ETV भारत: बहुड़ा यात्रा में पवित्र त्रिमूर्ति गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर लौटी।
5 जुलाई 2025 को बहुड़ा यात्रा में रथों पर छेरा पहंरा अनुष्ठान किसने किया?
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सही उत्तर: A — गजपति दिव्यसिंह देब
न्यू इंडियन एक्सप्रेस: पुरी के राजा गजपति दिव्यसिंह देब ने तीनों रथों पर छेरा पहंरा अनुष्ठान किया।
5 जुलाई 2025 की बहुड़ा यात्रा में सबसे पहले कौन-सा रथ चला?
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सही उत्तर: D — तालध्वज
न्यू इंडियन एक्सप्रेस और ETV भारत: सबसे पहले भगवान बलभद्र का तालध्वज रथ चला, फिर दर्पदलन और नंदीघोष।