सरकारी बैंकों ने डिजिटल क्रेडिट आकलन मॉडल से MSME को ₹52,300 करोड़ मंज़ूर किए
वित्त मंत्रालय ने 19 जनवरी 2026 को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच डिजिटल फ़ुटप्रिंट आधारित क्रेडिट आकलन मॉडल के तहत ₹52,300 करोड़ से अधिक के 3.96 लाख से अधिक MSME ऋण आवेदन मंज़ूर किए।
सारांश
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा 2025 में शुरू किया गया क्रेडिट आकलन मॉडल (CAM) डिजिटल रूप से प्राप्त, सत्यापन योग्य डेटा और स्वचालित प्रक्रियाओं से मौजूदा और नए दोनों तरह के MSME उधारकर्ताओं के ऋण का आकलन करता है। मॉडल KYC सत्यापन, मोबाइल और ईमेल जाँच, GST डेटा, अकाउंट एग्रीगेटर से बैंक स्टेटमेंट, ITR सत्यापन, क्रेडिट सूचना कंपनियों के डेटा और धोखाधड़ी जाँच का उपयोग करता है। लाभों में ऑनलाइन आवेदन, कम काग़ज़ी कार्रवाई, तुरंत सैद्धांतिक मंज़ूरी और स्ट्रेट-थ्रू प्रोसेसिंग शामिल हैं, और ऋण जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से दिया जाता है।
मुख्य तथ्य
- अवधि
- 1 अप्रैल – 31 दिसंबर 2025
- मंज़ूर आवेदन
- 3.96 लाख से अधिक
- राशि
- ₹52,300 करोड़ से अधिक
- मॉडल
- डिजिटल फ़ुटप्रिंट आधारित क्रेडिट आकलन मॉडल (CAM), 2025 में शुरू
- उपयोग डेटा
- GST, अकाउंट एग्रीगेटर बैंक स्टेटमेंट, ITR, CIC डेटा
- पोर्टल
- जन समर्थ
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने डिजिटल क्रेडिट आकलन मॉडल के तहत कितने से अधिक के MSME ऋण मंज़ूर किए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ₹52,300 करोड़
PIB (वित्त): ₹52,300 करोड़ से अधिक के 3.96 लाख से अधिक MSME ऋण आवेदन मंज़ूर हुए।
MSME के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का क्रेडिट आकलन मॉडल मुख्य रूप से किस पर आधारित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — GST, बैंक स्टेटमेंट और ITR जैसे डिजिटल फ़ुटप्रिंट
PIB (वित्त): CAM स्वचालित आकलन के लिए डिजिटल फ़ुटप्रिंट — KYC, GST डेटा, अकाउंट एग्रीगेटर बैंक स्टेटमेंट, ITR सत्यापन और CIC डेटा — का उपयोग करता है।