मणिपुर में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन; विधानसभा निलंबित अवस्था में
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफ़े के चार दिन बाद 13 फ़रवरी 2025 को अनुच्छेद 356 के तहत मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया।
सारांश
13 फ़रवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया, जब राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की रिपोर्ट के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत उद्घोषणा जारी की। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने राज्य सरकार के सभी कार्य और राज्यपाल की शक्तियाँ अपने हाथ में ले ली हैं, और राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोग की जाएँगी। विधानसभा भंग नहीं की गई, बल्कि निलंबित अवस्था में रखी गई। यह कदम मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफ़े के चार दिन बाद उठाया गया; राज्यपाल ने 10 फ़रवरी को विधानसभा बुलाने के आदेश को अमान्य घोषित कर दिया था।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 13 फ़रवरी 2025
- प्रावधान
- अनुच्छेद 356
- रिपोर्ट
- राज्यपाल अजय कुमार भल्ला
- विधानसभा
- निलंबित अवस्था, भंग नहीं
- पृष्ठभूमि
- मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फ़रवरी 2025 को इस्तीफ़ा दिया
अभ्यास MCQ 4 प्रश्न
13 फ़रवरी 2025 को मणिपुर में संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति शासन लगाया गया?
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सही उत्तर: A — अनुच्छेद 356
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अनुच्छेद 356 के तहत उद्घोषणा जारी की, जो किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता से संबंधित है।
फ़रवरी 2025 में राष्ट्रपति ने किसकी रिपोर्ट पर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा की?
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सही उत्तर: B — राज्यपाल अजय कुमार भल्ला
उद्घोषणा मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की रिपोर्ट के बाद हुई; अधिसूचना गृह मंत्रालय ने जारी की।
13 फ़रवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगने पर मणिपुर विधानसभा का क्या हुआ?
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सही उत्तर: C — उसे निलंबित अवस्था में रखा गया
विधानसभा भंग नहीं की गई बल्कि निलंबित अवस्था में रखी गई, और उसकी शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोग योग्य हो गईं।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन (फ़रवरी 2025) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफ़े के चार दिन बाद लगाया गया। 2. इससे पहले राज्यपाल ने 10 फ़रवरी को विधानसभा बुलाने के आदेश को अमान्य घोषित किया था। 3. उद्घोषणा के तहत राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ राज्यपाल द्वारा प्रयोग योग्य हो गईं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
राष्ट्रपति शासन बीरेन सिंह के इस्तीफ़े के चार दिन बाद लगा, और राज्यपाल ने 10 फ़रवरी को विधानसभा बुलाने का आदेश रद्द कर दिया था। विधानमंडल की शक्तियाँ राज्यपाल को नहीं बल्कि संसद को मिलीं, इसलिए तीसरा कथन गलत है।