राष्ट्रपति मुर्मु ने भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस के समापन पर प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान किए
त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू भी सम्मानित होने वालों में शामिल थीं।
सारांश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 10 जनवरी 2025 को भुवनेश्वर, ओडिशा में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया और प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान किए। द्रौपदी मुर्मु ने त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू को प्रवासी भारतीय सम्मान 2025 मिलने पर बधाई दी और महिलाओं व भारतीय प्रवासियों पर उनके विशेष ध्यान की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय प्रवासी 2047 तक विकसित भारत के विज़न का अभिन्न अंग हैं। प्रवासी भारतीय सम्मान प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है, जिसे राष्ट्रपति 2003 से आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनों में प्रदान करते हैं।
मुख्य तथ्य
- तिथि और स्थान
- 10 जनवरी 2025, भुवनेश्वर, ओडिशा
- आयोजन
- 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का समापन सत्र
- पुरस्कार प्रदाता
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
- उल्लेखनीय पुरस्कार विजेता
- क्रिस्टीन कंगालू, त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति
- पुरस्कार के बारे में
- प्रवासी भारतीयों का सर्वोच्च सम्मान; 2003 से प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनों में
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन कहां हुआ, जिसके समापन सत्र को राष्ट्रपति ने 10 जनवरी 2025 को संबोधित किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — भुवनेश्वर
पीआईबी: राष्ट्रपति ने भुवनेश्वर, ओडिशा में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया।
प्रवासी भारतीय सम्मान 2025 किस वर्तमान राष्ट्राध्यक्ष को प्रदान किया गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — त्रिनिदाद और टोबैगो की क्रिस्टीन कंगालू
पीआईबी और राष्ट्रपति का समापन भाषण: त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू को प्रवासी भारतीय सम्मान 2025 प्रदान किया गया।
प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। 2. इसे भारत के राष्ट्रपति प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनों में प्रदान करते हैं। 3. एनआरआई या पीआईओ द्वारा संचालित संगठन इसके पात्र नहीं हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
विदेश मंत्रालय: पीबीएसए प्रवासी भारतीयों का सर्वोच्च सम्मान है, जिसे राष्ट्रपति प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनों में एनआरआई, पीआईओ या उनके द्वारा स्थापित और संचालित संगठन या संस्था को देते हैं।