राष्ट्रपति ने संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 16 मई 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया; सह-पुरस्कृत गुलज़ार समारोह में उपस्थित नहीं हो सके।
सारांश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 16 मई 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने गुलज़ार को भी बधाई दी, जिन्हें यह पुरस्कार मिला है पर वे समारोह में उपस्थित नहीं हो सके, और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। राष्ट्रपति ने 1965 से भारतीय भाषाओं के उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित करने के लिए भारतीय ज्ञानपीठ न्यास की सराहना की और आशापूर्णा देवी, अमृता प्रीतम, महादेवी वर्मा, महाश्वेता देवी, इंदिरा गोस्वामी और प्रतिभा राय जैसी ज्ञानपीठ विजेता लेखिकाओं का स्मरण किया।
मुख्य तथ्य
- पुरस्कार
- 58वाँ ज्ञानपीठ
- प्राप्तकर्ता
- जगद्गुरु रामभद्राचार्य (संस्कृत विद्वान)
- सह-पुरस्कृत
- गुलज़ार (उपस्थित नहीं)
- स्थल
- विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- प्रदाता
- भारतीय ज्ञानपीठ न्यास, 1965 से
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
16 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान भवन में किस संस्कृत विद्वान को 58वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — जगद्गुरु रामभद्राचार्य
58वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को प्रदान किया गया। अन्य नाम राष्ट्रपति द्वारा स्मरण की गई पूर्व ज्ञानपीठ विजेता लेखिकाओं के हैं।
58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार समारोह (16 मई 2025) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय ज्ञानपीठ न्यास 1965 से भारतीय भाषाओं के लेखकों को यह पुरस्कार दे रहा है। 2. गुलज़ार ने समारोह में स्वयं पुरस्कार ग्रहण किया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — केवल 1
केवल कथन 1 सही है। राष्ट्रपति ने गुलज़ार को बधाई दी, जो समारोह में उपस्थित नहीं हो सके।