पोरबंदर में ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर और वाडिनार में ₹1,570 करोड़ की जहाज मरम्मत सुविधा को मंज़ूरी
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 15 जुलाई 2026 को जहाज निर्माण विकास योजना के तहत गुजरात के पोरबंदर में ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर और वाडिनार में ₹1,570 करोड़ की जहाज मरम्मत सुविधा को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी।
सारांश
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 15 जुलाई 2026 को जहाज निर्माण विकास योजना (SbDS) के तहत गुजरात की दो परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी: पोरबंदर ज़िले के कुछडी में ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर और कच्छ की खाड़ी में वाडिनार पर जहाज मरम्मत सुविधा। लगभग 2,000 एकड़ में फैले पोरबंदर क्लस्टर की वार्षिक क्षमता 12 से 15 लाख सकल टन होगी, जबकि कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी द्वारा विकसित ₹1,570 करोड़ की वाडिनार सुविधा 300 मीटर तक लंबे जहाजों की मरम्मत करेगी। ₹19,989 करोड़ परिव्यय वाली जहाज निर्माण विकास योजना को मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को ₹69,725 करोड़ के समुद्री पैकेज के हिस्से के रूप में मंज़ूरी दी थी।
मुख्य तथ्य
- मंज़ूरी
- 15 जुलाई 2026
- पोरबंदर
- कुछडी, ~2,000 एकड़, 1.2–1.5 मिलियन GT
- वाडिनार
- ₹1,570 करोड़, CSL और DPA
- स्थैतिक तथ्य
- SbDS: ₹19,989 करोड़, 24 सितंबर 2025; लक्ष्य 4.5 मिलियन GT/वर्ष
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
15 जुलाई 2026 को SbDS के तहत मंज़ूर ग्रीनफील्ड जहाज निर्माण क्लस्टर गुजरात के किस ज़िले में बनेगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — पोरबंदर
ग्रीनफील्ड क्लस्टर पोरबंदर ज़िले के कुछडी में बनेगा; जहाज मरम्मत सुविधा कच्छ की खाड़ी में वाडिनार पर है।
वाडिनार में ₹1,570 करोड़ की जहाज मरम्मत सुविधा दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के साथ कौन-सा शिपयार्ड विकसित करेगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
वाडिनार सुविधा कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) मिलकर विकसित करेंगे।
जहाज निर्माण विकास योजना (SbDS) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. SbDS का बजटीय परिव्यय ₹19,989 करोड़ है। 2. SbDS का लक्ष्य घरेलू जहाज निर्माण क्षमता को 4.5 मिलियन सकल टन प्रति वर्ष तक बढ़ाना है। 3. SbDS को सितंबर 2025 में ₹69,725 करोड़ के समुद्री पैकेज के हिस्से के रूप में मंज़ूरी मिली। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
तीनों कथन सही हैं: मंत्रिमंडल ने 24 सितंबर 2025 को ₹69,725 करोड़ के पैकेज में SbDS (₹19,989 करोड़, लक्ष्य 4.5 मिलियन GT प्रति वर्ष) को मंज़ूरी दी।