PMFBY में खरीफ 2026 से जंगली जानवरों के हमले और धान जलभराव से फसल नुकसान शामिल
कृषि मंत्रालय ने 18 नवंबर 2025 को घोषणा की कि खरीफ 2026 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत जंगली जानवरों के हमले और धान के जलभराव से हुए फसल नुकसान को कवर किया जाएगा।
सारांश
संशोधित PMFBY ढांचे के तहत जंगली जानवरों के हमले से फसल नुकसान को स्थानीयकृत जोखिम श्रेणी में पांचवें ऐड-ऑन कवर के रूप में मान्यता दी गई है। राज्य जिम्मेदार जंगली जानवरों की सूची अधिसूचित करेंगे और संवेदनशील जिलों या बीमा इकाइयों की पहचान करेंगे, और किसानों को 72 घंटे के भीतर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर जियोटैग्ड फोटो के साथ नुकसान की सूचना देनी होगी। नैतिक जोखिम और आकलन की कठिनाई के कारण 2018 में स्थानीयकृत आपदा श्रेणी से हटाया गया धान जलभराव फिर से शामिल किया गया है। इन बदलावों से तटीय, हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों को लाभ होगा।
मुख्य तथ्य
- योजना
- PMFBY
- नए कवर
- जंगली जानवरों का हमला (5वां ऐड-ऑन, स्थानीयकृत जोखिम); धान जलभराव (स्थानीयकृत आपदा)
- सूचना
- 72 घंटे में क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर, जियोटैग्ड फोटो
- धान जलभराव
- 2018 में हटाया, अब फिर शामिल
- लागू
- खरीफ 2026
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
नवंबर 2025 में किन दो जोखिमों को PMFBY के दायरे में लाया गया, जो खरीफ 2026 से लागू होंगे?
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सही उत्तर: D — जंगली जानवरों का हमला और धान जलभराव
खरीफ 2026 से जंगली जानवरों के हमले (स्थानीयकृत जोखिम ऐड-ऑन) और धान जलभराव (स्थानीयकृत आपदा) से फसल नुकसान कवर होगा।
संशोधित PMFBY प्रावधानों के तहत किसानों को जंगली जानवरों के हमले से फसल नुकसान की सूचना क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर कितने घंटों में देनी होगी?
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सही उत्तर: C — 72 घंटे
किसानों को 72 घंटों के भीतर जियोटैग्ड फोटो के साथ नुकसान की सूचना देनी होगी।
जंगली जानवरों के हमले और धान जलभराव के नए PMFBY कवर किस फसल सीज़न से लागू होंगे?
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सही उत्तर: B — खरीफ 2026
ये प्रावधान खरीफ 2026 से लागू होंगे। धान जलभराव को 2018 में स्थानीयकृत आपदा श्रेणी से हटा दिया गया था।