प्रधानमंत्री ने यमुनानगर में 800 MW ताप इकाई की आधारशिला रखी, रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया
14 अप्रैल 2025 को हरियाणा के यमुनानगर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र की 800 MW इकाई और मुकरबपुर में संपीड़ित बायोगैस संयंत्र की आधारशिला रखी तथा ₹1,070 करोड़ के रेवाड़ी बाईपास का उद्घाटन किया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2025 को हरियाणा के यमुनानगर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने यमुनानगर में दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र की 800 MW आधुनिक ताप विद्युत इकाई की आधारशिला रखी, जो 233 एकड़ में फैली है और लगभग ₹8,470 करोड़ की है। गोबरधन के तहत उन्होंने यमुनानगर के मुकरबपुर में 2,600 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाले संपीड़ित बायोगैस संयंत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने भारतमाला परियोजना के तहत लगभग ₹1,070 करोड़ के 14.4 किमी चार-लेन रेवाड़ी बाईपास का भी उद्घाटन किया, जिससे दिल्ली–नारनौल यात्रा समय लगभग एक घंटा घटेगा। भाषण में उन्होंने कहा कि यमुनानगर भारत का आधा प्लाईवुड बनाता है।
मुख्य तथ्य
- स्थान
- यमुनानगर, हरियाणा
- ताप इकाई
- 800 MW, दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र
- क्षेत्र / लागत
- 233 एकड़ / लगभग ₹8,470 करोड़
- CBG संयंत्र
- मुकरबपुर, 2,600 टन प्रति वर्ष
- रेवाड़ी बाईपास
- लगभग ₹1,070 करोड़, भारतमाला परियोजना
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
14 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री ने यमुनानगर में जिस 800 MW ताप विद्युत इकाई की आधारशिला रखी, वह किस संयंत्र की है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र
दीनबंधु छोटू राम ताप विद्युत संयंत्र, यमुनानगर; नई इकाई 233 एकड़ में और लगभग ₹8,470 करोड़ की है।
14 अप्रैल 2025 को जिसकी आधारशिला रखी गई, यमुनानगर के मुकरबपुर स्थित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता कितनी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 2,600 मीट्रिक टन
2,600 मीट्रिक टन प्रति वर्ष, PMO के अनुसार।
14 अप्रैल 2025 को हरियाणा की परियोजनाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लगभग ₹1,070 करोड़ का रेवाड़ी बाईपास भारतमाला परियोजना के तहत है। 2. यमुनानगर की नई 800 MW ताप इकाई 233 एकड़ में फैली है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों सही हैं। रेवाड़ी बाईपास भारतमाला के तहत लगभग ₹1,070 करोड़ का है, और 800 MW इकाई 233 एकड़ में लगभग ₹8,470 करोड़ की है।