प्रधानमंत्री ने पहले ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया, पांडुलिपि पोर्टल शुरू किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पहले ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया और भारत की पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम पोर्टल शुरू किया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया और पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुँच को तेज़ करने वाले डिजिटल मंच ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास लगभग एक करोड़ पांडुलिपियों का विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है और भारत की ज्ञान परंपरा चार स्तंभों पर टिकी है: संरक्षण, नवाचार, संवर्धन और अनुकूलन। संस्कृति मंत्रालय ने 11 से 13 सितंबर 2025 तक 'पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत की पुनर्प्राप्ति' विषय पर पहला ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें 1,100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन ₹483 करोड़ की लागत से देश भर की एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और विश्लेषण करेगा।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री का संबोधन
- 12 सितंबर 2025, विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- शुभारंभ
- पांडुलिपि डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम पोर्टल
- सम्मेलन
- पहला ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 11–13 सितंबर 2025; 1,100+ प्रतिभागी
- विषय
- पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत की पुनर्प्राप्ति
- चार स्तंभ (प्रधानमंत्री)
- संरक्षण, नवाचार, संवर्धन, अनुकूलन
- मिशन का पैमाना
- 1 करोड़+ पांडुलिपियाँ; ₹483 करोड़ (अमित शाह)
अभ्यास MCQ 5 प्रश्न
12 सितंबर 2025 को ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने क्या शुरू किया?
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सही उत्तर: A — पांडुलिपि डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम पोर्टल
प्रधानमंत्री ने पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुँच को तेज़ करने के लिए समर्पित डिजिटल मंच ज्ञान भारतम पोर्टल शुरू किया।
ज्ञान भारतम सम्मेलन में प्रधानमंत्री के अनुसार भारत के पास लगभग कितनी पांडुलिपियों का विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है?
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सही उत्तर: C — 1 करोड़
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के पास लगभग एक करोड़ पांडुलिपियों का विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है।
ज्ञान भारतम सम्मेलन में प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए भारत की ज्ञान परंपरा के चार स्तंभ कौन से हैं?
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सही उत्तर: D — संरक्षण, नवाचार, संवर्धन, अनुकूलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार स्तंभों पर बनी है: संरक्षण, नवाचार, संवर्धन और अनुकूलन।
ज्ञान भारतम पहल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. पहला ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन शिक्षा मंत्रालय ने IIT दिल्ली में आयोजित किया। 2. केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार मिशन ₹483 करोड़ की लागत से एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण और विश्लेषण करेगा। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: B — केवल 2
कथन 1 ग़लत है: सम्मेलन संस्कृति मंत्रालय ने 11 से 13 सितंबर 2025 तक विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित किया। कथन 2 अमित शाह के कथन के अनुसार सही है।
11 से 13 सितंबर 2025 तक हुए पहले ज्ञान भारतम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय क्या था?
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सही उत्तर: A — पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत की पुनर्प्राप्ति
संस्कृति मंत्रालय ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 'पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत की पुनर्प्राप्ति' विषय पर सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें 1,100 से अधिक प्रतिभागी थे।