G20 सत्र में प्रधानमंत्री ने वैश्विक AI समझौते और प्रतिभा गतिशीलता के वैश्विक ढांचे का आह्वान किया
23 नवंबर 2025 को जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के तीसरे सत्र 'सभी के लिए निष्पक्ष और न्यायपूर्ण भविष्य – महत्वपूर्ण खनिज; सम्मानजनक कार्य; कृत्रिम बुद्धिमत्ता' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां मानव-केंद्रित, वैश्विक और ओपन-सोर्स होनी चाहिए।
सारांश
प्रधानमंत्री ने पारदर्शिता, मानवीय निगरानी, सेफ्टी-बाय-डिज़ाइन और दुरुपयोग की रोकथाम पर आधारित AI के वैश्विक समझौते का आह्वान किया और कहा कि अंतिम निर्णय मनुष्यों के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत फरवरी 2026 में 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' थीम के साथ AI इम्पैक्ट समिट की मेज़बानी करेगा। उन्होंने 'आज की नौकरियों' से 'कल की क्षमताओं' की ओर बढ़ने की बात कही और G20 से प्रतिभा गतिशीलता के लिए वैश्विक ढांचा विकसित करने का प्रस्ताव रखा।
मुख्य तथ्य
- सत्र
- G20 सत्र 3 – महत्वपूर्ण खनिज; सम्मानजनक कार्य; AI
- AI प्रस्ताव
- वैश्विक समझौता: पारदर्शिता, मानवीय निगरानी, सेफ्टी-बाय-डिज़ाइन
- AI इम्पैक्ट समिट
- भारत, फरवरी 2026
- समिट थीम
- सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय
- अन्य प्रस्ताव
- प्रतिभा गतिशीलता के लिए वैश्विक ढांचा
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
G20 में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित, फरवरी 2026 में भारत द्वारा आयोजित AI इम्पैक्ट समिट की थीम क्या है?
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सही उत्तर: D — सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय
प्रधानमंत्री ने बताया कि AI इम्पैक्ट समिट की थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सबका कल्याण, सबका सुख) होगी।
G20 जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन के सम्मानजनक कार्य और AI सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने G20 से क्या विकसित करने का प्रस्ताव रखा?
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सही उत्तर: C — प्रतिभा गतिशीलता के लिए वैश्विक ढांचा
नई दिल्ली G20 में प्रतिभा गतिशीलता पर हुई प्रगति को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रतिभा गतिशीलता के लिए वैश्विक ढांचे का प्रस्ताव रखा।