ब्रिक्स में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार और आतंकवाद पर दोहरे मापदंड न अपनाने का आह्वान किया
6 जुलाई 2025 को रियो डी जनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 20वीं सदी में बनी संस्थाओं में ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व नहीं है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, WTO और बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार की माँग की।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जुलाई 2025 को रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स के दो सत्रों को संबोधित किया। वैश्विक शासन में सुधार सत्र में मोदी ने इंडोनेशिया के ब्रिक्स परिवार में शामिल होने पर राष्ट्रपति प्रबोवो को बधाई दी, कहा कि ग्लोबल साउथ को अक्सर दोहरे मापदंडों का सामना करना पड़ा है, और बताया कि मानवता के दो-तिहाई हिस्से को 20वीं सदी में बनी वैश्विक संस्थाओं में अब भी उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है; ग्लोबल साउथ के बिना ये संस्थाएँ 'ऐसे मोबाइल फ़ोन की तरह हैं जिसमें सिम कार्ड है पर नेटवर्क नहीं'। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, WTO और बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार की माँग की। शांति और सुरक्षा सत्र में मोदी ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले को भारत की आत्मा, पहचान और गरिमा पर सीधा हमला बताया और कहा कि आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए तथा आतंकवाद की निंदा सिद्धांत का विषय होनी चाहिए, सुविधा का नहीं।
मुख्य तथ्य
- तिथि/स्थान
- 6 जुलाई 2025, रियो डी जनेरियो
- सुधार
- UNSC, WTO, बहुपक्षीय विकास बैंक
- उपमा
- 'सिम कार्ड है पर नेटवर्क नहीं'
- आतंकवाद
- पहलगाम हमला (22 अप्रैल); आतंकियों पर प्रतिबंध में हिचक नहीं
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
वैश्विक शासन में सुधार पर ब्रिक्स सत्र (6 जुलाई 2025) में प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के बिना वैश्विक संस्थाओं की तुलना किससे की?
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सही उत्तर: B — ऐसा मोबाइल फ़ोन जिसमें सिम कार्ड है पर नेटवर्क नहीं
PMO: 'ग्लोबल साउथ के बिना ये संस्थाएँ ऐसे मोबाइल फ़ोन की तरह हैं जिसमें सिम कार्ड है पर नेटवर्क नहीं।'
6 जुलाई 2025 के प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिक्स वक्तव्य के अनुसार मानवता के कितने हिस्से को 20वीं सदी में बनी वैश्विक संस्थाओं में अब भी उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है?
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सही उत्तर: D — दो-तिहाई
PMO: 'मानवता के दो-तिहाई हिस्से को 20वीं सदी में बनी वैश्विक संस्थाओं में अब भी उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।'
6 जुलाई 2025 के प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिक्स वक्तव्यों के बारे में निम्नलिखित पर विचार कीजिए: 1. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, WTO और बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार की माँग की। 2. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। 3. उन्होंने इंडोनेशिया के ब्रिक्स में शामिल होने पर राष्ट्रपति प्रबोवो को बधाई दी। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
तीनों सही हैं: कथन 1 और 3 वैश्विक शासन सत्र से तथा कथन 2 शांति और सुरक्षा सत्र से है (PMO)।