प्रधानमंत्री मोदी ने डच प्रधानमंत्री रॉब येटन के साथ अफ्स्लाउटडाइक बांध देखा; गुजरात की कल्पसर परियोजना पर भारत-नीदरलैंड आशय पत्र
17 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब येटन ने 32 किमी लंबे अफ्स्लाउटडाइक बांध का दौरा किया और दोनों पक्षों ने गुजरात की कल्पसर परियोजना पर तकनीकी सहयोग के आशय पत्र का स्वागत किया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 मई 2026 को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब येटन के साथ प्रसिद्ध डच जल प्रबंधन संरचना अफ्स्लाउटडाइक का दौरा किया। अफ्स्लाउटडाइक 32 किलोमीटर लंबा बांध और सेतुमार्ग है, जो नीदरलैंड के बड़े हिस्से को उत्तरी सागर से बचाता है और मीठे पानी के भंडारण में मदद करता है। इस दौरे ने गुजरात की कल्पसर परियोजना से समानताओं पर ध्यान दिलाया, जिसका लक्ष्य खंभात की खाड़ी में मीठे पानी का जलाशय बनाना है, जिसमें ज्वारीय विद्युत, सिंचाई और परिवहन अवसंरचना शामिल है। दोनों पक्षों ने कल्पसर पर तकनीकी सहयोग के लिए भारत के जल शक्ति मंत्रालय और नीदरलैंड के अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय के बीच आशय पत्र का स्वागत किया।
मुख्य तथ्य
- तिथि
- 17 मई 2026
- नेता
- नरेंद्र मोदी और रॉब येटन
- अफ्स्लाउटडाइक
- 32 किमी बांध व सेतुमार्ग; उत्तरी सागर से सुरक्षा; मीठे पानी का भंडारण
- कल्पसर
- खंभात की खाड़ी, गुजरात में मीठे पानी का जलाशय; ज्वारीय विद्युत, सिंचाई, परिवहन
- समझौता
- आशय पत्र: जल शक्ति मंत्रालय – डच अवसंरचना एवं जल प्रबंधन मंत्रालय
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
PIB के अनुसार मई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देखा गया अफ्स्लाउटडाइक लगभग कितनी लंबाई का बांध और सेतुमार्ग है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 32 किमी
PIB के अनुसार अफ्स्लाउटडाइक 32 किलोमीटर लंबा बांध और सेतुमार्ग है।
कल्पसर परियोजना, जिस पर मई 2026 में भारत और नीदरलैंड ने तकनीकी सहयोग पर सहमति दी, किस जल क्षेत्र में मीठे पानी का जलाशय बनाने का लक्ष्य रखती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — खंभात की खाड़ी
गुजरात की कल्पसर परियोजना का लक्ष्य खंभात की खाड़ी में मीठे पानी का जलाशय बनाना है।