डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन; प्रधानमंत्री ने इसरो और राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उनकी भूमिका को याद किया
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रारूपण में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ. के. कस्तूरीरंगन का निधन हो गया; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अप्रैल 2025 को शोक व्यक्त किया।
सारांश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अप्रैल 2025 को डॉ. के. कस्तूरीरंगन के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें भारत की वैज्ञानिक और शैक्षिक यात्रा का एक महान व्यक्तित्व बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. कस्तूरीरंगन ने पूरी लगन से इसरो की सेवा की और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया, और उनके नेतृत्व में महत्वाकांक्षी उपग्रह प्रक्षेपण हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रारूपण में उनके प्रयासों के लिए भारत सदा आभारी रहेगा, और उन्हें अनेक युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का उत्कृष्ट मार्गदर्शक बताया।
मुख्य तथ्य
- शोक संदेश
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 25 अप्रैल 2025
- इसरो
- अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया
- शिक्षा
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रारूपण में योगदान
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
25 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री ने जिन डॉ. के. कस्तूरीरंगन के निधन पर शोक व्यक्त किया, उन्हें किस नीति के प्रारूपण में उनके प्रयासों के लिए याद किया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — राष्ट्रीय शिक्षा नीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रारूपण में डॉ. कस्तूरीरंगन के प्रयासों के लिए भारत सदा आभारी रहेगा।
25 अप्रैल 2025 को डॉ. के. कस्तूरीरंगन को प्रधानमंत्री की श्रद्धांजलि के बारे में विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पूरी लगन से इसरो की सेवा की और अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। 2. प्रधानमंत्री ने उन्हें राष्ट्रीय AI रणनीति के प्रारूपण का श्रेय दिया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: A — केवल 1
केवल 1 सही है। प्रधानमंत्री ने उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए श्रेय दिया, राष्ट्रीय AI रणनीति के लिए नहीं।