प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 दिसंबर 2024 को दिल्ली में मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
सारांश
13 से 15 दिसंबर 2024 तक दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समापन दिवस पर संबोधित किया। सम्मेलन में 'उद्यमिता, रोजगार और कौशल को बढ़ावा – जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाना' के व्यापक विषय पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि जन-हितैषी सक्रिय सुशासन (पी2जी2) विकसित भारत के लक्ष्य के केंद्र में है, राज्यों से अनुपालन सरल करने और छोटे शहरों में उद्यमियों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने का आग्रह किया और ई-कचरा पुनर्चक्रण के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) की संभावना तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 2025 के अंत तक भारत को टीबी-मुक्त बनाया जा सकता है और पुरानी पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए तकनीक के उपयोग का आह्वान किया।
मुख्य तथ्य
- संस्करण
- मुख्य सचिवों का चौथा राष्ट्रीय सम्मेलन
- तिथियाँ
- 13-15 दिसंबर 2024, दिल्ली
- विषय
- उद्यमिता, रोजगार और कौशल को बढ़ावा – जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाना
- प्रधानमंत्री का मंत्र
- जन-हितैषी सक्रिय सुशासन (पी2जी2)
- निर्देश
- अनुपालन सरल करना; ई-कचरा पुनर्चक्रण के लिए वीजीएफ; पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण
- स्वास्थ्य
- 2025 के अंत तक टीबी-मुक्त भारत; मोटापा बड़ी चुनौती
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
13 से 15 दिसंबर 2024 तक दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन का व्यापक विषय क्या था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — उद्यमिता, रोजगार और कौशल को बढ़ावा – जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाना
पीआईबी (पीएमओ): सम्मेलन में 'उद्यमिता, रोजगार और कौशल को बढ़ावा – जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाना' के व्यापक विषय पर चर्चा हुई।
दिसंबर 2024 में मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने राज्यों को किस उद्देश्य के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण की संभावना तलाशने का निर्देश दिया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — ई-कचरे का पुनर्चक्रण
पीआईबी (पीएमओ): प्रधानमंत्री ने राज्यों को ई-कचरे के पुनर्चक्रण के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण की अवधारणा तलाशने का निर्देश दिया, क्योंकि तकनीक-आधारित समाज में डिजिटल कचरा बढ़ेगा।