PFC और REC के बोर्ड ने REC के PFC में विलय की योजना मंज़ूर की
विद्युत मंत्रालय ने 30 जून 2026 को बताया कि पावर फ़ाइनेंस कॉर्पोरेशन और REC लिमिटेड के बोर्ड ने REC के PFC में विलय की योजना मंज़ूर की, जिससे ₹11 लाख करोड़ से अधिक की ऋण पुस्तिका वाली वित्तपोषण इकाई बनेगी।
सारांश
विद्युत मंत्रालय ने 30 जून 2026 को बताया कि पावर फ़ाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC) और REC लिमिटेड के निदेशक मंडलों ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 के तहत REC (हस्तांतरक) के PFC (हस्तांतरिती) में विलय की योजना मंज़ूर की। विलय के बाद इकाई की कुल ऋण पुस्तिका ₹11 लाख करोड़ से अधिक होगी। REC के शेयरधारकों को हर 100 REC शेयर पर PFC के 88 इक्विटी शेयर (अंकित मूल्य ₹10) मिलेंगे। योजना के लिए शेयरधारकों, लेनदारों और नियामकों की मंज़ूरी ज़रूरी है और विलय के बाद इकाई का 'सरकारी कंपनी' बने रहना तथा भारत सरकार का बहुमत मताधिकार और नियंत्रण रहना शर्त है।
मुख्य तथ्य
- विलय
- REC का PFC में
- कानून
- कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230-232
- अनुपात
- 100 REC शेयर पर 88 PFC शेयर
- ऋण पुस्तिका
- ₹11 लाख करोड़ से अधिक
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
जून 2026 में PFC और REC के बोर्ड द्वारा मंज़ूर विलय योजना के तहत:
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सही उत्तर: B — REC का PFC में विलय होगा
योजना में REC (हस्तांतरक कंपनी) के PFC (हस्तांतरिती कंपनी) में विलय का प्रावधान है।
REC के PFC में प्रस्तावित विलय (जून 2026) के लिए शेयर विनिमय अनुपात क्या तय हुआ?
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सही उत्तर: D — हर 100 REC शेयर पर 88 PFC शेयर
REC के शेयरधारकों को ₹10 के हर 100 REC इक्विटी शेयर पर ₹10 के 88 PFC इक्विटी शेयर मिलेंगे।
PFC-REC विलय योजना (जून 2026) कंपनी अधिनियम, 2013 के किन प्रावधानों के तहत मंज़ूर हुई?
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सही उत्तर: A — धारा 230 से 232
बोर्डों ने योजना कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत मंज़ूर की।