संसद ने 1958 के अधिनियम की जगह लेने वाला वाणिज्यिक पोत परिवहन विधेयक, 2025 पारित किया
संसद ने 11 अगस्त 2025 को वाणिज्यिक पोत परिवहन विधेयक, 2025 पारित किया, जब राज्यसभा ने इसे स्वीकार किया; लोकसभा इसे 6 अगस्त को पारित कर चुकी थी।
सारांश
वाणिज्यिक पोत परिवहन विधेयक, 2025 संसद से 11 अगस्त 2025 को पारित हुआ, जब राज्यसभा ने इसे स्वीकार किया; लोकसभा इसे 6 अगस्त को पारित कर चुकी थी। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विधेयक पेश किया। यह विधेयक 561 धाराओं वाले वाणिज्यिक पोत परिवहन अधिनियम, 1958 की जगह 16 भागों और 325 खंडों का सुव्यवस्थित ढाँचा लाता है। इसका उद्देश्य भारत के समुद्री ढाँचे का आधुनिकीकरण और घरेलू कानून को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अभिसमयों के अनुरूप बनाना है।
मुख्य तथ्य
- संसद से पारित
- 11 अगस्त 2025 (राज्यसभा); लोकसभा 6 अगस्त
- मंत्री
- सर्बानंद सोनोवाल
- प्रतिस्थापन
- वाणिज्यिक पोत परिवहन अधिनियम, 1958 (561 धाराएँ)
- नई संरचना
- 16 भाग, 325 खंड
- अनुरूपता
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) अभिसमय
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
11 अगस्त 2025 को संसद द्वारा पारित वाणिज्यिक पोत परिवहन विधेयक, 2025 किस वर्ष के वाणिज्यिक पोत परिवहन अधिनियम की जगह लेता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 1958
यह विधेयक 561 धाराओं वाले वाणिज्यिक पोत परिवहन अधिनियम, 1958 की जगह लेता है।
वाणिज्यिक पोत परिवहन विधेयक, 2025 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. जिस अधिनियम की यह जगह लेता है, उसमें 561 धाराएँ थीं। 2. नया विधेयक 16 भागों और 325 खंडों में संरचित है। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
दोनों कथन सही हैं। वाणिज्यिक पोत परिवहन अधिनियम, 1958 में 561 धाराएँ थीं, और नया विधेयक 16 भागों और 325 खंडों का सुव्यवस्थित ढाँचा देता है।
वाणिज्यिक पोत परिवहन विधेयक, 2025 भारत के घरेलू कानूनों को किस अंतरराष्ट्रीय निकाय के अभिसमयों के अनुरूप बनाता है?
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सही उत्तर: D — अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन
विधेयक का उद्देश्य घरेलू कानूनों को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अभिसमयों के अनुरूप बनाना है।