पद्म विभूषण गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का 89 वर्ष की आयु में निधन
बनारस घराने के हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का 2 अक्टूबर 2025 को उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
सारांश
बनारस घराने के प्रमुख हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का लंबी बीमारी के बाद 2 अक्टूबर 2025 की सुबह उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1936 में आज़मगढ़ में जन्मे मिश्र ख़याल, ठुमरी, दादरा, चैती, कजरी और भजन तथा ठुमरी की पूरब अंग शैली के लिए जाने जाते थे। उन्हें 2010 में पद्म भूषण और 2020 में पद्म विभूषण मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन को भारतीय संगीत की अपूरणीय क्षति बताया और याद किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से मिश्र उनके प्रस्तावक थे। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में हुआ।
मुख्य तथ्य
- निधन
- 2 अक्टूबर 2025, मिर्ज़ापुर (उ.प्र.), 89 वर्ष
- जन्म
- 1936, आज़मगढ़
- घराना
- बनारस; पूरब अंग ठुमरी
- विधाएँ
- ख़याल, ठुमरी, दादरा, चैती, कजरी, भजन
- सम्मान
- पद्म भूषण 2010; पद्म विभूषण 2020
- उल्लेख
- 2014 में वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावक
अभ्यास MCQ 3 प्रश्न
अक्टूबर 2025 में दिवंगत हुए पंडित छन्नूलाल मिश्र हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के किस घराने के प्रतिनिधि थे?
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सही उत्तर: D — बनारस घराना
पंडित छन्नूलाल मिश्र बनारस घराने के अग्रणी प्रतिनिधियों में से एक थे।
पंडित छन्नूलाल मिश्र को पद्म विभूषण किस वर्ष प्रदान किया गया?
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सही उत्तर: B — 2020
उन्हें 2010 में पद्म भूषण और 2020 में पद्म विभूषण मिला।
पंडित छन्नूलाल मिश्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. उनका जन्म 1936 में उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में हुआ था। 2. वे 2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक थे। उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
PIB शोक संदेश और PTI रिपोर्टों के अनुसार दोनों कथन सही हैं।