धान सीज़न 2025 समाप्त होने पर पंजाब और हरियाणा में सबसे कम पराली की घटनाएँ
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 1 दिसंबर 2025 को बताया कि 2025 सीज़न में पंजाब में 5,114 और हरियाणा में 662 पराली जलाने की घटनाएँ हुईं, जो अब तक की सबसे कम हैं।
सारांश
पर्यावरण मंत्रालय के 1 दिसंबर 2025 के अनुसार पंजाब में 2025 के धान कटाई सीज़न में पराली जलाने की 5,114 घटनाएँ दर्ज हुईं, जो 2024 से 53% और 2021 से 93% कम हैं। हरियाणा में 2025 में खेतों में आग की 662 घटनाएँ हुईं, जो 2024 से 53% और 2021 से 91% कम हैं। 2025 की संख्या अब तक की सबसे कम रही और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने इसका श्रेय राज्य व ज़िला कार्य योजनाओं, फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों और सख़्त प्रवर्तन को दिया। पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी हर साल 15 सितंबर से 30 नवंबर तक ISRO द्वारा विकसित मानक प्रोटोकॉल के तहत होती है।
मुख्य तथ्य
- घोषणा
- 1 दिसंबर 2025
- पंजाब 2025
- 5,114 घटनाएँ (2024 से −53%, 2021 से −93%)
- हरियाणा 2025
- 662 घटनाएँ (2024 से −53%, 2021 से −91%)
- निगरानी अवधि
- 15 सितंबर–30 नवंबर
- प्रोटोकॉल
- ISRO द्वारा विकसित
- संस्था
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
2025 के धान कटाई सीज़न में पंजाब में पराली जलाने की कितनी घटनाएँ दर्ज हुईं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: C — 5,114
PIB 2197201: पंजाब में 2025 में 5,114 घटनाएँ हुईं, जो 2024 से 53% कम हैं; हरियाणा में 662 घटनाएँ हुईं।
पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं की आधिकारिक निगरानी हर साल किस अवधि में होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — 15 सितंबर से 30 नवंबर
PIB 2197201: ISRO द्वारा विकसित मानक प्रोटोकॉल के अनुसार निगरानी हर साल 15 सितंबर से 30 नवंबर तक होती है।