'एक राष्ट्र, एक समय': भारतीय मानक समय प्रसार पर गोलमेज़ सम्मेलन
18 जून 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में उपभोक्ता मामले विभाग ने 'एक राष्ट्र, एक समय' विषय पर समय प्रसार गोलमेज़ सम्मेलन आयोजित किया।
सारांश
उपभोक्ता मामले विभाग ने 18 जून 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'एक राष्ट्र, एक समय' विषय पर समय प्रसार गोलमेज़ सम्मेलन आयोजित किया। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आगामी विधिक माप विज्ञान (भारतीय मानक समय) नियम, 2025 सभी कानूनी, वाणिज्यिक और प्रशासनिक गतिविधियों को भारतीय मानक समय (IST) से समकालिक करना अनिवार्य करेंगे। समय प्रसार परियोजना CSIR-NPL और ISRO के साथ लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य परमाणु घड़ियों से सुसज्जित पाँच क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशालाओं (RRSL) के माध्यम से NTP और PTP जैसे प्रोटोकॉल से मिलीसेकंड से माइक्रोसेकंड सटीकता के साथ IST उपलब्ध कराना है।
मुख्य तथ्य
- कार्यक्रम
- समय प्रसार गोलमेज़ सम्मेलन, 18 जून 2025
- आगामी नियम
- विधिक माप विज्ञान (IST) नियम, 2025
- साझेदार
- CSIR-NPL और ISRO
- प्रयोगशालाएँ
- पाँच RRSL
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
18 जून 2025 को चर्चित समय प्रसार परियोजना के तहत भारतीय मानक समय कितनी क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशालाओं से उपलब्ध कराया जाएगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: A — पाँच
PIB (उपभोक्ता मामले विभाग): परियोजना का उद्देश्य परमाणु घड़ियों से सुसज्जित पाँच क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशालाओं से IST उपलब्ध कराना है; उत्तर पाँच है।
उपभोक्ता मामले विभाग समय प्रसार परियोजना किन संस्थानों के सहयोग से लागू कर रहा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — CSIR-NPL और ISRO
PIB (उपभोक्ता मामले विभाग): समय प्रसार परियोजना उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा CSIR-NPL और ISRO के सहयोग से लागू की जा रही है।