ओडिशा ने ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए 'स्वीकृति' छत्र योजना शुरू की
ओडिशा सरकार ने 1 जनवरी 2026 को 'स्वीकृति' शुरू की, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और कानूनी सहायता के लिए SSEPD विभाग द्वारा संचालित अधिकार-आधारित छत्र योजना है।
सारांश
ओडिशा सरकार ने 1 जनवरी 2026 को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए अधिकार-आधारित छत्र योजना 'स्वीकृति' शुरू की, जिसे सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण (SSEPD) विभाग लागू कर रहा है। स्वीकृति में ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता को आर्थिक सहायता, प्री- और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, कौशल और उद्यमिता प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूहों को सहयोग, स्वास्थ्य सेवा और समूह बीमा, कानूनी सहायता, छात्रावास और पुनर्वास केंद्र शामिल हैं। दिशानिर्देशों के तहत ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को बच्चे के 18 वर्ष का होने तक ₹1,500 मासिक मिलेंगे; पिछली जनगणना के अनुसार ओडिशा में लगभग 20,300 ट्रांसजेंडर व्यक्ति हैं।
मुख्य तथ्य
- शुरुआत
- 1 जनवरी 2026, ओडिशा सरकार
- विभाग
- सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण (SSEPD)
- माता-पिता को सहायता
- बच्चे के 18 वर्ष का होने तक ₹1,500 मासिक
- घटक
- छात्रवृत्ति, कौशल, SHG, स्वास्थ्य/बीमा, कानूनी सहायता, छात्रावास, पुनर्वास केंद्र
- जनसंख्या
- ~20,300 ट्रांसजेंडर व्यक्ति (पिछली जनगणना)
अभ्यास MCQ 2 प्रश्न
1 जनवरी 2026 को एक राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई 'स्वीकृति' किस वर्ग के लिए छत्र कल्याण योजना है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: B — ट्रांसजेंडर व्यक्ति
न्यू इंडियन एक्सप्रेस और कलिंगा टीवी: ओडिशा की स्वीकृति ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण और सशक्तिकरण की अधिकार-आधारित छत्र योजना है।
ओडिशा की स्वीकृति योजना के तहत ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को बच्चे के 18 वर्ष का होने तक कितनी मासिक सहायता मिलती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: D — ₹1,500
संबाद इंग्लिश और कलिंगा टीवी: ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को बच्चे के 18 वर्ष का होने तक ₹1,500 मासिक मिलते हैं।